Gold Rate Today: त्योहारी सीजन से पहले सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है। 17 अगस्त 2026 को अंतरराष्ट्रीय बाजार के साथ घरेलू बुलियन मार्केट में भी दोनों कीमती धातुओं में मजबूती दिखाई दी। आपके दिए आंकड़ों के मुताबिक, MCX पर सोना करीब 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी करीब 2.37 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास कारोबार कर रही थी। वहीं IBJA के बताए रेट में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,52,360 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,33,842 रुपये प्रति किलो बताई गई है। IBJA के रेट आम तौर पर 10 ग्राम सोने और 1 किलो चांदी के बेंचमार्क भाव के रूप में इस्तेमाल होते हैं और इनमें GST व मेकिंग चार्ज शामिल नहीं होते।
आज सोने-चांदी के भाव में क्या हुआ?
सोमवार के कारोबार में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी गोल्ड और सिल्वर में मजबूती नजर आई। आपके उपलब्ध बाजार आंकड़ों के अनुसार, कॉमेक्स पर सोना करीब 4,391 डॉलर प्रति औंस और चांदी करीब 65.72 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर रही। घरेलू वायदा बाजार में भी सोने में बढ़त दर्ज की गई। MCX पर सोना करीब 0.29 फीसदी ऊपर 1,55,961 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करता दिखा, जबकि चांदी करीब 2.37 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर रही। हालांकि, वायदा बाजार और IBJA के स्पॉट रेट को एक ही तरह का भाव नहीं माना जाना चाहिए। दोनों की कीमतों में अंतर ट्रेडिंग समय, कॉन्ट्रैक्ट और बाजार की स्थिति के कारण हो सकता है।
17 अगस्त को घरेलू बाजार में सोने का भाव
आपके दिए IBJA आंकड़ों के मुताबिक सोमवार को अलग-अलग शुद्धता वाले सोने के भाव इस प्रकार बताए गए हैं:
24 कैरेट/999 गोल्ड: ₹1,52,360 प्रति 10 ग्राम
22 कैरेट/916 गोल्ड: ₹1,39,570 प्रति 10 ग्राम
18 कैरेट/750 गोल्ड: ₹1,14,270 प्रति 10 ग्राम
चांदी 999: ₹2,33,842 प्रति किलो
ध्यान रखें कि ज्वेलरी खरीदते समय दुकानदार का अंतिम बिल इन बेंचमार्क रेट से अलग हो सकता है, क्योंकि उसमें GST, मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। IBJA भी अपने प्रकाशित भावों को बिना 3% GST और मेकिंग चार्ज के बताता है।
सोने में तेजी के पीछे क्या वजह है?
सोने की कीमतों पर इस समय कई अंतरराष्ट्रीय कारकों का असर पड़ रहा है। खासतौर पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति, डॉलर की दिशा और वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां गोल्ड की कीमतों के लिए महत्वपूर्ण हैं। अगर अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद मजबूत होती है और डॉलर पर दबाव आता है, तो सोने को सपोर्ट मिल सकता है। इसके अलावा वैश्विक अनिश्चितता के दौर में निवेशक अक्सर सोने को सुरक्षित परिसंपत्ति के तौर पर देखते हैं। इसी वजह से आने वाले दिनों में गोल्ड की चाल पर बाजार की नजर बनी रह सकती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि कीमत लगातार एक ही दिशा में बढ़ेगी। अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम बदलने पर सोने में गिरावट भी आ सकती है।
क्या सोना ₹3 लाख और चांदी ₹6 लाख तक पहुंच सकती है?
सोने और चांदी को लेकर चर्चित निवेशक और ‘Rich Dad Poor Dad’ के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी ने काफी ऊंचे भाव का अनुमान जताया है। उनके बताए अनुमान के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 10,000 डॉलर प्रति औंस और चांदी 200 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है। आपके दिए रूपांतरण के आधार पर इन स्तरों को भारतीय मुद्रा में देखें तो सोना करीब ₹3 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी करीब ₹6 लाख प्रति किलो के आसपास पहुंचने का अनुमान निकलता है। लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है—यह कियोसाकी का अनुमान है, निश्चित भविष्य की कीमत नहीं। वास्तविक भाव कई आर्थिक और वैश्विक परिस्थितियों पर निर्भर करेंगे।
अमेरिकी कर्ज से जोड़कर कियोसाकी ने लगाया बड़ा अनुमान
कियोसाकी लंबे समय से अमेरिकी कर्ज और मौद्रिक नीतियों को सोने-चांदी की कीमतों से जोड़ते रहे हैं। उनका तर्क है कि अमेरिका के बढ़ते कर्ज और मुद्रा से जुड़े जोखिमों के बीच निवेशक कीमती धातुओं की ओर ज्यादा रुख कर सकते हैं। इसी नजरिए के आधार पर उन्होंने भविष्य में सोने और चांदी के लिए काफी ऊंचे लक्ष्य की बात कही है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों के बीच किसी भी लंबे समय के मूल्य अनुमान को लेकर अलग-अलग राय हो सकती है। इसलिए ₹3 लाख का आंकड़ा संभावित अनुमान के तौर पर देखना चाहिए, न कि पक्की कीमत के रूप में।
त्योहारी सीजन से पहले क्यों अहम है सोने की चाल?
भारत में त्योहारों और शादी के सीजन में सोने की मांग आम तौर पर बढ़ जाती है। ऐसे में त्योहारी खरीदारी शुरू होने से पहले कीमतों में होने वाला बदलाव खरीदारों के लिए महत्वपूर्ण हो जाता है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी बनी रहती है और घरेलू मांग भी मजबूत होती है, तो सोने की कीमतों पर आगे भी दबाव बना रह सकता है। दूसरी ओर, अगर डॉलर मजबूत होता है या वैश्विक बाजार में जोखिम कम होता है तो कीमतों में करेक्शन देखने को मिल सकता है।
अभी सोना खरीदना चाहिए या इंतजार करना चाहिए?
सोने की कीमतों में आगे तेजी होगी या गिरावट, इसे निश्चित तौर पर बताना संभव नहीं है। कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर, ब्याज दरों, भू-राजनीतिक तनाव और घरेलू मांग जैसे कई कारकों का असर पड़ता है। इसलिए केवल किसी एक अनुमान या सोशल मीडिया पर चल रहे कीमत के लक्ष्य के आधार पर खरीदारी या निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए।