भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रहवासी इलाकों में अवैध रूप से चल रही व्यावसायिक गतिविधियों पर नगर निगम अब सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन में निगम ने अब तक 5800 से अधिक व्यापारिक प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए हैं। सोमवार से संबंधित प्रतिष्ठानों को अंतिम अल्टीमेटम नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
24 घंटे का अंतिम अल्टीमेटम, फिर सीलिंग
नगर निगम ने रविवार को शहर के छह विधानसभा क्षेत्रों में 921 प्रतिष्ठानों को नोटिस दिए। अब इन प्रतिष्ठानों को अधिभोग उल्लंघन बंद करने के लिए 24 घंटे का अंतिम नोटिस दिया जा रहा है। निगम के मुताबिक नोटिस मिलने के बाद भी यदि तय समय सीमा में व्यावसायिक गतिविधियां बंद नहीं की गईं तो संबंधित दुकानों और प्रतिष्ठानों को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
62 हजार से ज्यादा संपत्तियां जांच के दायरे में
भोपाल नगर निगम की टीमें 9 अगस्त से विधानसभा क्षेत्रवार सर्वे कर रही हैं। इस दौरान भवन मालिकों से बिल्डिंग परमिशन, लैंड यूज और अन्य जरूरी दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। अब तक शहर की 62 हजार से अधिक संपत्तियों को जांच के दायरे में लिया जा चुका है। सर्वे के दौरान यदि किसी रहवासी संपत्ति में मास्टर प्लान या स्वीकृत अनुमति के विपरीत व्यावसायिक गतिविधि संचालित होती पाई जाती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद सख्ती
नगर निगम की कार्रवाई का उद्देश्य रहवासी क्षेत्रों में बिना अनुमति चल रही व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाना है। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भवन के स्वीकृत उपयोग और दस्तावेजों की जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। अवैध व्यावसायिक गतिविधियां जारी रखने वाले प्रतिष्ठानों पर अब नोटिस के बाद सीधे सीलिंग की कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।
शहर में बढ़ सकती है कार्रवाई
5800 से ज्यादा प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी होने के बाद अब अंतिम अल्टीमेटम की प्रक्रिया शुरू हो रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में भोपाल के अलग-अलग इलाकों में नगर निगम की कार्रवाई और तेज हो सकती है। निगम की टीमें लगातार सर्वे कर रही हैं और दस्तावेजों के आधार पर यह तय किया जा रहा है कि कौन सी संपत्ति स्वीकृत उपयोग के अनुरूप संचालित हो रही है और कहां नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है।