आंखों से पानी आना आम समस्या है। धूल, धुआं, तेज रोशनी, ठंडी या तेज हवा और आंखों में किसी बाहरी कण के चले जाने पर आंसू आना आंखों की प्राकृतिक प्रतिक्रिया हो सकती है। आंखों में थकान या जलन होने पर भी आंसू बढ़ सकते हैं। कई बार यह आंखों को साफ और सुरक्षित रखने का शरीर का सामान्य तरीका होता है। लेकिन अगर आंखों से बार-बार या लगातार पानी आता है, तो इसके पीछे कोई अन्य कारण भी हो सकता है। ऐसी स्थिति को नजरअंदाज करने के बजाय कारण का पता लगाना जरूरी है।
ड्राई आई भी हो सकती है वजह
आंखों से ज्यादा पानी आने की एक वजह ड्राई आई सिंड्रोम भी हो सकती है। जब आंखों में पर्याप्त नमी नहीं रहती, तो जलन और असहजता होती है। इसके जवाब में आंखें अतिरिक्त आंसू बनाने लगती हैं। इसके अलावा एलर्जी, साइनस की समस्या और आंखों में संक्रमण भी लगातार पानी आने की वजह बन सकते हैं।
पलकों की समस्या से भी आ सकता है पानी
कुछ मामलों में पलकों से जुड़ी समस्या के कारण भी आंखों से आंसू ज्यादा निकल सकते हैं। पलकों में सूजन, पलक का अंदर या बाहर की ओर मुड़ना या पलकों का कोई बाल आंख में चुभना इसके संभावित कारण हैं। आंसुओं को बाहर निकालने वाली नली में रुकावट होने पर भी आंसू आंख से बाहर बहने लगते हैं। इसके अलावा आंख में चोट, कुछ दवाओं के प्रभाव या कुछ मेडिकल ट्रीटमेंट के दौरान भी यह समस्या हो सकती है।
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
अगर आंखों से पानी आने की समस्या बार-बार हो रही है या कई दिनों तक बनी हुई है, तो नेत्र विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
खास तौर पर पानी आने के साथ इनमें से कोई लक्षण हो तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए:
- आंखों में तेज दर्द
- ज्यादा लालिमा या सूजन
- धुंधला दिखाई देना
- रोशनी देखने में परेशानी
- आंख में चोट लगने के बाद लगातार पानी आना
- आंख से ज्यादा चिपचिपा पदार्थ निकलना
- आंख खोलने में परेशानी
- बिना सलाह के आई ड्रॉप न डालें
आंखों से पानी आने पर खुद से कोई आई ड्रॉप या दवा इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। लगातार समस्या होने पर डॉक्टर कारण की जांच करके उचित उपचार की सलाह दे सकते हैं।