नई दिल्ली - भारतीय जनता पार्टी ने 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच संगठन में बड़ा बदलाव किया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान किया गया है। नई सूची में अनुभवी नेताओं के साथ कई नए चेहरों को भी संगठन में अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं।
स्मृति ईरानी और वसुंधरा राजे की संगठन में वापसी
नई टीम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। दोनों नेताओं की नई भूमिका को पार्टी संगठन में उनकी सक्रिय वापसी के तौर पर देखा जा रहा है। आपको बता दें कि, स्मृति ईरानी अमेठी से लोकसभा सांसद रहने के दौरान राष्ट्रीय राजनीति में भाजपा का प्रमुख चेहरा रही हैं। वहीं वसुंधरा राजे राजस्थान में लंबे समय तक पार्टी का नेतृत्व कर चुकी हैं। ऐसे में दोनों नेताओं को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने से पार्टी के अनुभव और क्षेत्रीय प्रभाव को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
कई वरिष्ठ नेताओं को भी मिली जिम्मेदारी
भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में कई अनुभवी नेताओं को भी महत्वपूर्ण पद दिए गए हैं। पूर्व राष्ट्रीय महासचिव राम माधव को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, बैजयंत जय पांडा और मनप्रीत सिंह बादल को भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है।
विनोद तावड़े और सुनील बंसल पर भरोसा कायम
संगठन के लिहाज से अहम माने जाने वाले विनोद तावड़े और सुनील बंसल जैसे नेताओं को भी नई टीम में बरकरार रखा गया है। इन नेताओं को संगठन और चुनावी रणनीति का लंबा अनुभव है। इसलिए पार्टी ने अनुभवी चेहरों पर भरोसा कायम रखते हुए संगठन की निरंतरता बनाए रखने का संकेत दिया है।
2027 के चुनावों पर नजर
भाजपा की नई टीम का गठन ऐसे समय हुआ है जब पार्टी के सामने 2027 में कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की चुनौती है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, पंजाब और अन्य राज्यों में होने वाले चुनाव पार्टी के लिए महत्वपूर्ण होंगे। ऐसे में नई टीम के जरिए संगठन को राज्यों में और मजबूत करने, कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय बनाने और चुनावी रणनीति को प्रभावी ढंग से जमीन तक पहुंचाने की कोशिश मानी जा रही है।
कुल मिलाकर, नितिन नवीन की नई टीम में अनुभव और नए नेतृत्व का संतुलन दिखाई देता है। स्मृति ईरानी और वसुंधरा राजे जैसे वरिष्ठ नेताओं की वापसी से जहां पार्टी को राजनीतिक अनुभव मिलेगा, वहीं नए चेहरों को शामिल करने से संगठन में नई ऊर्जा लाने की कोशिश नजर आती है।