कोलकाता - पश्चिम बंगाल में सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार अपने शुरुआती 100 दिन पूरे करने की ओर बढ़ रही है। इस दौरान सरकार की ओर से चुनावी वादों को लागू करने और राज्य की सुरक्षा व प्रशासन से जुड़े कई मुद्दों पर फैसले लेने का दावा किया गया है। इनमें महिलाओं के लिए अन्नपूर्णा योजना, बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने की प्रक्रिया और धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर को लेकर उठाए गए कदम प्रमुख हैं।
महिलाओं के लिए अन्नपूर्णा योजना
सुवेंदु सरकार के चुनावी वादों में महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता बढ़ाने की बात शामिल थी। इसी क्रम में अन्नपूर्णा योजना शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये देने का दावा किया गया है। यह राशि पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार की लक्ष्मी भंडार योजना में मिलने वाली 1,500 रुपये की सहायता से दोगुनी बताई जा रही है। सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करना और परिवार की जरूरतों में उनकी भूमिका को और सशक्त बनाना है।
बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग के लिए जमीन
राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा भी शामिल है। नबन्ना स्थित राज्य सचिवालय के सूत्रों के मुताबिक, बिना बाड़ वाले सीमा क्षेत्रों में कंटीले तारों की फेंसिंग के लिए सीमा सुरक्षा बल यानी BSF को जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया लगभग पूरी होने का दावा किया गया है। सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, नौ सीमावर्ती जिलों में अब तक 767 एकड़ से ज्यादा जमीन BSF को सौंपी जा चुकी है। इस कदम का उद्देश्य सीमा के संवेदनशील हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना बताया जा रहा है।
मस्जिदों में लाउडस्पीकर को लेकर कार्रवाई
नई सरकार के शुरुआती फैसलों में धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर कार्रवाई भी चर्चा में रही है। सरकार की ओर से इसे ध्वनि प्रदूषण और नियमों के पालन से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं, इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आ सकती हैं।
चुनावी वादों को लागू करने पर जोर
सुवेंदु अधिकारी सरकार अपने शुरुआती कार्यकाल में चुनाव के दौरान किए गए वादों को जमीन पर उतारने का संदेश देना चाहती है। महिलाओं को आर्थिक सहायता, सीमा सुरक्षा और प्रशासनिक फैसलों को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
100 दिन पूरे होने से पहले सरकार का रिपोर्ट कार्ड
सरकार के 100 दिन पूरे होने से पहले इन फैसलों को उसकी शुरुआती उपलब्धियों के तौर पर पेश किया जा सकता है। हालांकि, योजनाओं का वास्तविक प्रभाव और उनका लाभ कितने लोगों तक पहुंचता है, इसका आकलन आगे के आंकड़ों और सरकारी क्रियान्वयन से ही स्पष्ट होगा।