नई दिल्ली - भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट के दौरान अपने करियर के शुरुआती दौर से जुड़ा एक बड़ा खुलासा किया है। जडेजा ने बताया कि घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बावजूद उन्हें भारतीय टीम में बल्लेबाजी क्रम में वह भरोसा नहीं मिला, जिसकी उन्हें उम्मीद थी।
रणजी में चौथे नंबर पर करते थे बल्लेबाजी
जडेजा ने बताया कि जब उन्होंने करियर की शुरुआत की थी, तब वह रणजी ट्रॉफी में चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करते थे और इस क्रम पर उनका औसत 60 से ज्यादा रहा था। उन्हें भरोसा था कि वह शीर्ष क्रम में भी रन बनाने की क्षमता रखते हैं। हालांकि, भारतीय टीम में आने के बाद परिस्थितियां अलग रहीं। उन्हें अक्सर निचले क्रम में बल्लेबाजी के लिए भेजा जाता था। कई बार तो वह आठवें या नौवें नंबर पर बल्लेबाजी करने पहुंचते थे।
ड्रेसिंग रूम में पैड पहनकर बैठना पड़ता था
जडेजा ने बताया कि जब टीम में बल्लेबाजी क्रम को लेकर स्पष्टता नहीं होती थी, तो वह ड्रेसिंग रूम में पैड पहनकर अपनी बारी का इंतजार करते रहते थे। इस दौरान कई बार तेज गेंदबाज उनसे पहले बल्लेबाजी करने चले जाते थे। उनके मुताबिक, ऐसी परिस्थितियों का असर उनके आत्मविश्वास पर पड़ा। उन्हें महसूस होने लगा था कि शायद टीम मैनेजमेंट को उनकी बल्लेबाजी क्षमता पर पूरा भरोसा नहीं है।
अश्विन के बाद भी करनी पड़ी बल्लेबाजी
जडेजा ने यह भी बताया कि कुछ मौकों पर उन्हें रविचंद्रन अश्विन के बाद बल्लेबाजी करने भेजा गया। उनके लिए यह स्थिति निराशाजनक थी, क्योंकि घरेलू क्रिकेट में वह खुद को एक बेहतर बल्लेबाज के रूप में साबित कर चुके थे। जडेजा ने कहा कि कई बार ड्रेसिंग रूम में बैठे-बैठे उनके मन में सवाल आता था कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है। लगातार निचले क्रम में भेजे जाने से उनका आत्मविश्वास भी प्रभावित हुआ।
बल्ले और गेंद दोनों से बने टीम के भरोसेमंद खिलाड़ी
समय के साथ जडेजा ने अपने प्रदर्शन से भारतीय टीम में अपनी जगह बेहद मजबूत की। वह टेस्ट क्रिकेट में भारत के सबसे उपयोगी ऑलराउंडरों में शामिल हो गए। गेंद से विकेट निकालने के साथ-साथ निचले क्रम में महत्वपूर्ण रन बनाकर उन्होंने कई मुकाबलों में टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला है। उनकी बल्लेबाजी में भी पिछले वर्षों में काफी सुधार देखने को मिला है। टेस्ट क्रिकेट में वह कई बार महत्वपूर्ण अर्धशतक और शतक लगाकर टीम के लिए मैच का रुख बदल चुके हैं।
टेस्ट क्रिकेट में शानदार रिकॉर्ड
जडेजा के टेस्ट करियर पर नजर डालें तो उन्होंने भारत के लिए 90 टेस्ट मैचों में 4,108 रन बनाए हैं। उनका बल्लेबाजी औसत 38.04 का रहा है। गेंदबाजी में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 348 विकेट अपने नाम किए हैं। उनका यह खुलासा बताता है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सफलता हासिल करने वाले खिलाड़ियों को भी करियर के शुरुआती दौर में आत्मविश्वास और टीम के भरोसे से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। जडेजा ने हालांकि अपने प्रदर्शन से साबित किया कि सही मौके मिलने पर वह बल्ले और गेंद दोनों से मैच जिताने की क्षमता रखते हैं।