कोलकाता: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, कोलकाता के अनुसार, मंगलवार 18 अगस्त 2026 को पश्चिम बंगाल में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय बनी हुई हैं। उत्तर बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से दक्षिण और पश्चिमी बंगाल के कई हिस्सों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ इलाकों में हवा की गति 30 से 40 किमी/घंटे और झोंकों में 50 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है।
पुरुलिया-बांकुड़ा समेत पश्चिमी जिलों में भारी बारिश
निम्न दबाव के पश्चिम की ओर बढ़ने से आज पुरुलिया, बांकुड़ा, पश्चिम बर्धमान, बीरभूम और झाड़ग्राम में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश होने का अनुमान है। वहीं, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर तथा दक्षिण 24 परगना के तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ समुद्र के अशांत रहने की संभावना है। तटीय क्षेत्रों में हवा की गति 40 से 50 किमी/घंटे और झोंकों में 60 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
कोलकाता में बादल और रुक-रुककर बारिश
कोलकाता, साल्ट लेक, न्यू टाउन और हावड़ा में आज दिनभर आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। कुछ समय के लिए गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। शहर का अधिकतम तापमान करीब 30°C और न्यूनतम तापमान करीब 26°C रहने का अनुमान है।पिछले 24 से 36 घंटों में हुई भारी बारिश के बाद आज बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आने की संभावना है। इससे शहर के निचले इलाकों में जमा पानी धीरे-धीरे कम हो सकता है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर जलजमाव की समस्या बनी रह सकती है।
उत्तर बंगाल में भी भारी बारिश का अनुमान
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान है। पहाड़ी इलाकों में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश के कारण संवेदनशील मार्गों पर भूस्खलन और कम दृश्यता का जोखिम बना हुआ है। यात्रियों को मौसम और सड़क की स्थिति को ध्यान में रखकर यात्रा करने की सलाह दी गई है।
मछुआरों और आम लोगों के लिए एडवाइजरी
उत्तर बंगाल की खाड़ी तथा बंगाल और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में मौसम सामान्य होने तक मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। आम लोगों को भी गरज-चमक और आकाशीय बिजली के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बिजली गिरने की स्थिति में पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर या कच्चे ढांचों के नीचे खड़े होने से बचें। फिलहाल बंगाल के पश्चिमी जिलों और तटीय इलाकों में मौसम पर विशेष नजर रखी जा रही है।