मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर राज्य सरकार के प्रयासों को नई दिल्ली में आयोजित उद्योग संवर्धन से जुड़ी उच्चस्तरीय बैठक में सराहना मिली। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की, जबकि केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भी इसमें शामिल हुए। इस दौरान मध्यप्रदेश में निवेश की रफ्तार और निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने के लिए किए जा रहे प्रयासों की चर्चा हुई।
नई दिल्ली में हुई उद्योग संवर्धन की अहम बैठक
नई दिल्ली में उद्योग संवर्धन से जुड़ी सर्वोच्च बैठक आयोजित की गई, जिसमें केंद्र और राज्यों के स्तर पर औद्योगिक विकास तथा निवेश को बढ़ावा देने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में मध्यप्रदेश की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। मुख्यमंत्री के मुताबिक, बैठक के दौरान मध्यप्रदेश में लगातार आ रहे निवेश प्रस्तावों और राज्य में तैयार हो रहे औद्योगिक माहौल की सराहना की गई। सरकार का कहना है कि प्रदेश में निवेशकों को बेहतर सुविधाएं और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर बढ़ा भरोसा
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर उद्योग जगत का भरोसा मजबूत हुआ है। सरकार की नीतियों, पारदर्शी व्यवस्था और जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता के कारण निवेशकों की रुचि प्रदेश में बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आमतौर पर किसी राज्य में घोषित निवेश प्रस्तावों का एक सीमित हिस्सा ही वास्तविक परियोजनाओं में बदल पाता है, लेकिन मध्यप्रदेश में स्थिति बेहतर रही है। उनके अनुसार, प्रदेश में करीब 30 फीसदी निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। उन्होंने इसे राज्य सरकार और निवेशकों के बीच बने भरोसे का परिणाम बताया।
पीएम मित्र पार्क का भी किया गया जिक्र
बैठक के दौरान मध्यप्रदेश में स्थापित किए जा रहे पीएम मित्र पार्क का भी उल्लेख हुआ। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर देश के पहले पीएम मित्र पार्क का भूमि-पूजन किया गया था। सीएम के मुताबिक, पार्क के लिए उपलब्ध पूरी जमीन उद्योगपतियों को आवंटित की जा चुकी है। उन्होंने इसे प्रदेश में टेक्सटाइल और उससे जुड़े उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। मुख्यमंत्री का कहना है कि इस परियोजना से आने वाले समय में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।
CM बोले- निवेशकों की पसंद बन रहा MP
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अब निवेशकों के लिए एक पसंदीदा डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। उन्होंने इसके पीछे प्रदेश में उपलब्ध जमीन, बिजली की पर्याप्त व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और निवेश के लिए बनाई गई सुविधाओं को प्रमुख कारण बताया। सरकार का फोकस सिर्फ निवेश प्रस्ताव हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें वास्तविक परियोजनाओं में बदलने पर भी है। इसी वजह से अलग-अलग क्षेत्रों में निवेशकों के साथ लगातार संवाद और समन्वय किया जा रहा है।
उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अपराध की स्थिति अपेक्षाकृत कम होने, बिजली की उपलब्धता और औद्योगिक परियोजनाओं के लिए जमीन मिलने जैसी सुविधाओं से निवेशकों को काम करने का बेहतर वातावरण मिल रहा है। राज्य सरकार की कोशिश है कि नए निवेश के जरिए प्रदेश में उद्योगों का विस्तार हो और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ें। सरकार अलग-अलग सेक्टर में निवेश आकर्षित करने के लिए नीतिगत स्तर पर भी लगातार बदलाव कर रही है।
निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारना बड़ी चुनौती
किसी भी राज्य के लिए केवल निवेश प्रस्ताव मिलना ही पर्याप्त नहीं होता। वास्तविक सफलता तब मानी जाती है जब ये प्रस्ताव जमीन पर परियोजनाओं के रूप में दिखाई दें। मध्यप्रदेश सरकार इसी दिशा में निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन पर जोर दे रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश में निवेश प्रस्तावों के धरातल पर उतरने की दर बेहतर रहना इस बात का संकेत है कि निवेशकों को राज्य की व्यवस्थाओं पर भरोसा है। इससे भविष्य में और बड़े निवेश प्रस्ताव आने की संभावना भी बढ़ सकती है।
रोजगार और औद्योगिक विकास पर सरकार का फोकस
निवेश बढ़ने के साथ मध्यप्रदेश सरकार को रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। बड़े उद्योगों के आने से प्रत्यक्ष रोजगार के साथ-साथ परिवहन, लॉजिस्टिक्स, सप्लाई चेन और छोटे कारोबारों को भी फायदा मिल सकता है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार करना है, ताकि विकास का लाभ केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहे और दूसरे जिलों में भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ें।