छत्तीसगढ़ में मानसून की गतिविधियां लगातार बनी हुई हैं और प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने 18 अगस्त को उत्तर छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।बिलासपुर, कोरबा, मुंगेली और रायगढ़ समेत कई जिलों में तेज बारिश होने की संभावना है। बारिश के साथ गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं का असर भी देखने को मिल सकता है।
बंगाल की खाड़ी का सिस्टम बढ़ा रहा बारिश की गतिविधि
मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बना मौसमी सिस्टम अगले 24 घंटे में पहले उत्तर-उत्तर-पश्चिम और फिर उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है। इसके बाद इसके गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार की ओर बढ़ने की संभावना है।इस सिस्टम के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के उत्तरी हिस्सों में नमी बढ़ने और बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना बनी हुई है। खासकर उत्तर छत्तीसगढ़ के जिलों में भारी बारिश का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है।
बीते 24 घंटे में कई जिलों में हुई तेज बारिश
पिछले 24 घंटे के दौरान उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। सरगुजा, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हुई।हालांकि पूरे प्रदेश की बात करें तो मौसमी बारिश अभी भी सामान्य से करीब 9 प्रतिशत कम है। यानी मानसून सक्रिय होने के बावजूद राज्य में कुल बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है।
अंबिकापुर में 64.8 MM बारिश
बारिश के आंकड़ों के अनुसार अंबिकापुर में 64.8 मिलीमीटर और लालपुर, रायपुर में 58 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं माना एयरपोर्ट पर 28.9 मिलीमीटर पानी गिरा।तापमान की बात करें तो प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान पेंड्रारोड में 32.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 22.7 डिग्री सेल्सियस रहा।
18 अगस्त को उत्तर छत्तीसगढ़ में भारी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार 18 अगस्त को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं उत्तर छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।इस दौरान गरज-चमक और आकाशीय बिजली के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
बिलासपुर, कोरबा और रायगढ़ में बहुत भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने बिलासपुर, कोरबा, मुंगेली और रायगढ़ में एक-दो स्थानों पर बहुत भारी से सीमांत भारी बारिश की संभावना जताई है।मौसम विभाग के अनुसार सीमांत भारी बारिश का अर्थ 24 घंटे में 204.5 मिलीमीटर या उससे अधिक बारिश होना है। ऐसे में इन जिलों में रहने वाले लोगों को मौसम की चेतावनी को गंभीरता से लेने की सलाह दी गई है।
इन जिलों में भी भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना
बिलासपुर संभाग के अलावा बलौदाबाजार, बलरामपुर, बेमेतरा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, जांजगीर-चांपा, जशपुर, रायपुर, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सूरजपुर और सरगुजा में भी भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।वहीं दुर्ग, गरियाबंद, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कोरिया, महासमुंद और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
अगले 48 घंटे भी बारिश से राहत नहीं
18 अगस्त के बाद भी छत्तीसगढ़ में बारिश से तत्काल राहत मिलने की संभावना कम है। अगले 48 घंटे के दौरान बलरामपुर, जशपुर, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर और सरगुजा में एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।इसके अलावा बिलासपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरबा, मुंगेली और रायगढ़ में भी एक-दो स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है।
19 से 22 अगस्त तक कैसा रहेगा मौसम?
19 अगस्त
प्रदेश के अनेक हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिर सकती है।
20 अगस्त
कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है।
21 अगस्त
प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना बनी रहेगी।
22 अगस्त
प्रदेश के अनेक हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि इस दिन मौसम विभाग ने किसी विशेष चेतावनी की संभावना नहीं जताई है।
चार दिन तक बना रहेगा बारिश का असर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान से साफ है कि छत्तीसगढ़ में अगले चार दिनों तक मानसून सक्रिय रह सकता है। खासकर उत्तरी छत्तीसगढ़ के जिलों में 18 और 19 अगस्त को बारिश की गतिविधियां ज्यादा तेज रहने की संभावना है।भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की स्थिति बन सकती है। वहीं आकाशीय बिजली और तेज हवाओं को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।