शिमला: मानसून सीजन के बीच हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर भारी बारिश का दौर शुरू होने वाला है। मौसम विभाग ने मंगलवार 18 अगस्त को प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट है, जबकि ऊना, हमीरपुर, चंबा, कुल्लू, शिमला और सोलन में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
चंबा में बादल फटने से पुल बहा, 50 श्रद्धालु फंसे
भारी बारिश के बीच चंबा जिले में बादल फटने से हालात बिगड़ गए। बादल फटने के कारण लोहे का एक पुल बह गया, जिसके चलते करीब 50 श्रद्धालु रास्ते में फंस गए। स्थानीय लोगों ने नाले पर लकड़ी की अस्थायी पुलियां तैयार कर श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया।
21 अगस्त तक बारिश से राहत के आसार कम
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 19 से 21 अगस्त तक भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी रहेगा। किन्नौर और लाहौल-स्पीति में इस दौरान 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कम और मध्यम ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में गरज-चमक, आंधी और बिजली गिरने की भी आशंका है।
मानसून में 80 लोगों की मौत, 994 करोड़ का नुकसान
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक, 30 जून से मानसून सीजन शुरू होने के बाद बारिश से जुड़ी घटनाओं में 80 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें लैंडस्लाइड से 14 और अचानक आई बाढ़ से एक मौत शामिल है। बारिश और उससे जुड़ी आपदाओं से प्रदेश को अब तक करीब 994 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। भारी बारिश के कारण राज्य में 87 सड़कें बंद हैं। कुल्लू में सबसे ज्यादा 33, मंडी में 27 और शिमला में 9 सड़कें बंद हैं।
कहां कितनी बारिश हुई?
पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि कुछ जगह भारी बारिश दर्ज की गई।
- कटौला (मंडी): 74.4 MM
- जोत (चंबा): 52.6 MM
- धर्मशाला: 30.1 MM
- सराहन: 20.2 MM
- जोगिंदरनगर: 15 MM
कांगड़ा में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली कड़कने की भी सूचना है।
भारी बारिश से इन परेशानियों का खतरा
भारी से बहुत भारी बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, जलभराव और सड़क बाधित होने का खतरा बढ़ सकता है। फिसलन भरी सड़कों और कम विजिबिलिटी के कारण वाहन चालकों के लिए भी परेशानी बढ़ने की आशंका है। बारिश के चलते खेती-बागवानी को नुकसान और जरूरी सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है।
प्रशासन की लोगों से अपील
प्रशासन ने लोगों से भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की आशंका वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की है। नदी-नालों के बढ़े जलस्तर को देखते हुए पानी वाली जगहों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।