छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। 19 अगस्त 2026 को राज्य के उत्तरी हिस्सों में कई जगहों पर मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। सरगुजा संभाग के साथ सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, जशपुर और कोरबा जैसे जिलों में बारिश का असर अधिक रहने का अनुमान है। वहीं रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर समेत मध्य छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में भी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया है। IMD के उपलब्ध मौसम आंकड़ों में 18 अगस्त को भी अंबिकापुर में 51.5 मिमी, दुर्ग में 38.4 मिमी और जगदलपुर में 12.6 मिमी बारिश दर्ज हुई थी।
उत्तरी छत्तीसगढ़ में बारिश का ज्यादा असर
19 अगस्त को प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत अधिक रहने की संभावना है। सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, जशपुर और कोरबा में अधिकांश स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश देखने को मिल सकती है। मानसून की सक्रियता के चलते इन जिलों में बादल छाए रहने के साथ कई स्थानों पर लगातार बारिश का दौर भी बन सकता है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत होगी।
रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में भी बारिश के आसार
मध्य छत्तीसगढ़ में रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में भी अनेक स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है। बस्तर संभाग के कई हिस्सों में भी वर्षा की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। इस दौरान कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। मौसम विभाग की चेतावनियों को देखते हुए लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
कांकेर, नारायणपुर और बीजापुर में हल्की से मध्यम बारिश
राज्य के दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों की बात करें तो कांकेर, नारायणपुर, बीजापुर और दंतेवाड़ा के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं सुदूर दक्षिणी जिलों में हर जगह एक जैसी बारिश होने की संभावना नहीं है। मौसम की गतिविधियां स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग रह सकती हैं।
कई जिलों के लिए Yellow Alert
मौसम विभाग ने राज्य के उत्तरी और मध्य हिस्सों में मौसम खराब होने की संभावना को देखते हुए Yellow Alert जारी किया है। इन इलाकों में मेघगर्जन और आकाशीय बिजली के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। हवाओं की रफ्तार करीब 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। ऐसे मौसम में लोगों को खुले स्थानों पर अनावश्यक रूप से जाने से बचना चाहिए और बिजली चमकने के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। IMD की चेतावनी व्यवस्था में यलो स्तर का अर्थ मौसम की संभावित प्रतिकूल परिस्थितियों के लिए सतर्क रहने से है।
जगदलपुर में लगातार बारिश से प्रशासन अलर्ट
बस्तर संभाग के जगदलपुर में पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश के कारण स्थानीय प्रशासन और नगर निगम ने निगरानी बढ़ाई है। इंद्रावती नदी के जलस्तर पर नजर रखने के लिए कर्मचारियों की तैनाती की गई है। प्रशासन की ओर से केंद्रीय जल आयोग (CWC) और मौसम विभाग के संपर्क में रहने के निर्देश दिए गए हैं। नदी और घाटों के आसपास राजस्व अमले की ड्यूटी भी लगाई गई है, ताकि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
जरूरत पड़ने पर स्कूलों को बनाया जाएगा अस्थायी कैंप
जगदलपुर में बारिश और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने संभावित विस्थापन की स्थिति के लिए भी तैयारी रखी है। संबंधित विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। जरूरत पड़ने पर स्कूल भवनों का इस्तेमाल अस्थायी राहत कैंप के तौर पर किया जा सकता है। इससे पता चलता है कि प्रशासन लगातार बारिश के कारण उत्पन्न होने वाली संभावित परिस्थितियों से निपटने की तैयारी में है।
उफनती नदी पार कर पहुंचे BLO
बारिश के बीच ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में सरकारी कामकाज जारी रखने की चुनौती भी सामने आ रही है। जानकारी के अनुसार शिक्षा व्यवस्था और ऑनलाइन स्टैंड्स की जांच से जुड़े काम के लिए BLO देव कुमार शील को उफनती नदी को नाव के जरिए पार करके पहुंचना पड़ा। यह स्थिति बताती है कि लगातार बारिश के कारण ग्रामीण और नदी किनारे के क्षेत्रों में सामान्य आवागमन कितना प्रभावित हो रहा है।
छत्तीसगढ़ में अब तक 731.3 मिमी बारिश
मानसून सीजन में छत्तीसगढ़ में अब तक औसतन 731.3 मिमी बारिश दर्ज होने की जानकारी दी गई है। राज्य में बारिश का आंकड़ा सामान्य मानसूनी गतिविधियों के करीब पहुंच रहा है। इस बीच कुछ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश भी दर्ज की गई है, जिससे स्थानीय स्तर पर जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी जैसी परिस्थितियां बन रही हैं।
सारंगढ़ में बारिश का आंकड़ा सबसे ज्यादा
छत्तीसगढ़ के सारंगढ़ में इस सीजन अब तक सबसे अधिक बारिश दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। यहां बारिश का आंकड़ा करीब 994.3 मिमी तक पहुंच गया है। लगातार बारिश के कारण नदी-नालों और जलाशयों के जलस्तर पर भी असर पड़ रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति के साथ-साथ जलस्तर पर नजर रखना प्रशासन के लिए अहम रहेगा।
19 अगस्त को कैसा रहेगा छत्तीसगढ़ का मौसम?
19 अगस्त को प्रदेश में मौसम का मिजाज मुख्य रूप से बारिश वाला रहने की संभावना है। उत्तरी छत्तीसगढ़ में बारिश का दायरा अधिक रह सकता है, जबकि मध्य और बस्तर संभाग के कई इलाकों में भी बारिश होने के आसार हैं। दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवा की स्थिति बनने पर स्थानीय स्तर पर यातायात और जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
बारिश के दौरान लोगों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?
गरज-चमक और वज्रपात की संभावना वाले मौसम में लोगों को खुले मैदान, ऊंचे पेड़ और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए। नदी, नाले या तेज बहाव वाले पानी के पास जाना भी जोखिम भरा हो सकता है। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी है, खासकर उन इलाकों में जहां लगातार बारिश के कारण जलस्तर बढ़ रहा है।