उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में लगातार हो रही भारी बारिश ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। मंगलवार, 18 अगस्त को कई इलाकों में गंभीर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। जॉर्ज टाउन जैसे प्रमुख इलाके भी पानी से प्रभावित हैं और जॉर्ज टाउन थाने के परिसर तक पानी पहुंच गया है। शहर में जलभराव के कारण यातायात प्रभावित है और लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय स्थिति को देखते हुए प्रयागराज में मंगलवार को स्कूल भी बंद रखने का फैसला किया गया।
जॉर्ज टाउन थाने में घुसा बारिश का पानी
भारी बारिश के बाद जॉर्ज टाउन इलाके में हालात बिगड़ गए। सड़क पर पानी भरने के साथ ही थाने के परिसर में भी जलभराव हो गया। थाने तक पहुंचने के लिए पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। थाने के अंदर तक पानी पहुंचने से रोजमर्रा के कामकाज पर भी असर पड़ने की आशंका है। खास तौर पर कंप्यूटर, रिकॉर्ड और जरूरी दस्तावेजों को नमी और पानी से नुकसान का खतरा बना हुआ है।
सड़कों पर जलभराव, ट्रैफिक की रफ्तार थमी
बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में सड़कें पानी में डूबी नजर आईं। जलभराव की वजह से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और कई जगह यातायात धीमा हो गया। कुछ स्थानों पर पानी का स्तर इतना बढ़ गया कि दोपहिया वाहन चालकों को अपने वाहन छोड़कर पैदल आगे बढ़ना पड़ा। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए स्थिति और मुश्किल हो गई है।
रामबाग रेलवे स्टेशन भी पानी से प्रभावित
बारिश और जलभराव का असर रेलवे क्षेत्र तक भी पहुंचा है। रामबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर पानी भरने की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार स्थिति गंभीर होने के बाद स्टेशन के तीनों प्लेटफॉर्म से ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा और स्टेशन पहुंचने वाले लोगों को भी जलभराव के बीच से गुजरना पड़ा। रामबाग प्रयागराज का महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है, जहां से कई प्रमुख रूट की ट्रेनें संचालित होती हैं।
रिवरफ्रंट रोड पर पानी के तेज बहाव में फंसी कार
बारिश और बाढ़ जैसे हालात के बीच दारागंज क्षेत्र के बक्शी बांध के पास रिवरफ्रंट रोड पर एक कार भी पानी की चपेट में आ गई। बताया गया कि कार फाफामऊ से संगम की ओर जा रही थी, तभी रास्ते में बढ़े जलस्तर के कारण वह पानी में फंस गई। कार में सवार लोगों ने समय रहते बाहर निकलकर खुद को सुरक्षित किया। घटना की जानकारी मिलने के बाद जल पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू की कार्रवाई शुरू की। हाइड्रा की मदद से कार को पानी से बाहर निकाला गया।
गंगा-यमुना के बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई चिंता
प्रयागराज में बारिश के साथ गंगा और यमुना के जलस्तर में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। नदी किनारे और निचले इलाकों में प्रशासन की निगरानी बढ़ाई गई है। रविवार तक दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ने की जानकारी सामने आई थी, जिसके बाद बाढ़ संभावित क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई गई। ऐसे में लगातार बारिश से शहरी जलभराव के साथ नदी किनारे के इलाकों में भी लोगों की चिंता बढ़ गई है।
स्मार्ट सिटी के दावों पर उठ रहे सवाल
प्रयागराज में जलभराव की तस्वीरों और वीडियो को लेकर शहर के ड्रेनेज सिस्टम पर भी सवाल उठ रहे हैं। खास तौर पर पॉश और प्रमुख इलाकों में पानी भरने से लोग जल निकासी की व्यवस्था को लेकर सवाल कर रहे हैं। बारिश के बाद सड़कों, सरकारी कार्यालयों और रेलवे क्षेत्र तक पानी पहुंचने की स्थिति ने शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर और ड्रेनेज व्यवस्था की क्षमता पर चर्चा तेज कर दी है।
अखिलेश यादव ने भी शेयर किए जलभराव के दृश्य
प्रयागराज के जलभराव से जुड़े दृश्य समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की ओर से सोशल मीडिया पर भी साझा किए गए थे। इन तस्वीरों के जरिए उन्होंने शहर की जल निकासी व्यवस्था और स्मार्ट सिटी से जुड़े दावों पर सवाल उठाए। हालांकि, भारी बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति कितनी गंभीर है, इसका असर शहर के अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग दिखाई दे रहा है।
लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित
प्रयागराज में बारिश का असर केवल सड़क यातायात तक सीमित नहीं है। स्कूल बंद किए जाने, रेलवे संचालन प्रभावित होने और कई इलाकों में पानी भरने से सामान्य जनजीवन पर सीधा असर पड़ा है। मौसम विभाग की ओर से उत्तर प्रदेश में आगे भी भारी बारिश की संभावना को लेकर चेतावनी दी गई है। ऐसे में प्रशासन लोगों से जलभराव वाले इलाकों में अनावश्यक आवाजाही से बचने और मौसम से जुड़े अपडेट पर नजर रखने की अपील कर रहा है।
प्रशासन के सामने जल निकासी बड़ी चुनौती
बारिश के बीच अब सबसे बड़ी चुनौती शहर में जमा पानी को जल्द निकालने की है। जलभराव लंबे समय तक बना रहने पर यातायात, बिजली व्यवस्था, सरकारी कार्यालयों और आम लोगों की रोजमर्रा की गतिविधियों पर असर बढ़ सकता है। प्रयागराज में लगातार बढ़ता जलभराव एक बार फिर मानसून से पहले शहर की ड्रेनेज व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर रहा है। आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति और जलस्तर पर प्रशासन की निगरानी महत्वपूर्ण रहेगी।