वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बार फिर बड़ा फ्लैशपॉइंट बन गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक नक्शा शेयर करते हुए होर्मुज को ‘NEW US Territory’ के तौर पर दिखाया है। दूसरी ओर, ईरान ने दो टूक कहा है कि जब तक अमेरिका अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी नहीं करता, तब तक रणनीतिक जलमार्ग को दोबारा खोलने का कोई सवाल नहीं है। इसी बीच एक वाणिज्यिक जहाज पर हमले की घटना ने तनाव और बढ़ा दिया है।
ट्रंप ने शेयर किया होर्मुज का नक्शा
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का एक नक्शा साझा किया। इसमें इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को **‘NEW US Territory’** के तौर पर दिखाया गया है। यह पोस्ट ट्रंप के उस बयान के बाद सामने आई, जिसमें उन्होंने ईरान के साथ संघर्ष में जीत के बाद होर्मुज को अमेरिकी क्षेत्र घोषित करने की संभावना जताई थी। ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में यह भी कहा कि ईरान की प्रभावी नाकेबंदी के जरिए अमेरिका का इस रणनीतिक जलमार्ग पर पहले से ही नियंत्रण है। उन्होंने होर्मुज को अमेरिकी क्षेत्र बनाने के विचार को अच्छा बताया।
ईरान का दो टूक जवाब- वादे पूरे होने तक बंद रहेगा होर्मुज
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने को लेकर फिलहाल सख्त रुख अपनाया है। ईरान के शीर्ष वार्ताकार मोहम्मद बागेर गालिबाफ के मुताबिक, जब तक वाशिंगटन जून में हुए अंतरिम शांति समझौते और समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी नहीं करता, तब तक होर्मुज जलमार्ग बंद रहेगा। दोनों देशों के बीच जून में हुआ अंतरिम समझौता बाद में टूट गया था। इसके बाद अमेरिका-ईरान तनाव का असर इस महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग पर भी दिखाई देने लगा है।
होर्मुज में वाणिज्यिक जहाज पर हमला
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच होर्मुज में एक वाणिज्यिक जहाज पर हमले की घटना भी सामने आई है। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के अनुसार, जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक जहाज पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया। हमले में जहाज के इंजन रूम को नुकसान पहुंचा और चालक दल का एक सदस्य हताहत हुआ। घटना के बाद ओमानी कोस्ट गार्ड की मदद से बाकी चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाला गया।
क्यों अहम है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाला बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। वैश्विक तेल आपूर्ति का करीब पांचवां हिस्सा इस रास्ते से गुजरता है। ऐसे में इस जलमार्ग को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार, तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गया है। अमेरिका की ओर से ईरान पर वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने और मार्ग शुल्क वसूलने के आरोप लगाए गए हैं। वहीं वाशिंगटन की ओर से होर्मुज में नेविगेशन की स्वतंत्रता बहाल करने का दबाव बढ़ाया जा रहा है।