नई दिल्ली: दिल्ली में कक्षा 9 के छात्रों के लिए पढ़ाई, परीक्षा और प्रमोशन से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। नए फ्रेमवर्क के तहत अब वोकेशनल एजुकेशन और तीसरी भाषा कक्षा 9 के छात्रों के लिए जरूरी होगी। इसके साथ ही मैथ्स और साइंस में छात्रों को अपनी क्षमता और विषय की गहरी समझ परखने के लिए Advanced Assessment का विकल्प भी मिलेगा। नए नियमों का उद्देश्य छात्रों की पढ़ाई को केवल परीक्षा और रटने तक सीमित रखने के बजाय स्किल, समझ और व्यावहारिक शिक्षा पर केंद्रित करना है।
9वीं में ये 6 विषय होंगे मुख्य
नए नियमों के मुताबिक कक्षा 9 में प्रमोशन के लिए छात्रों के 6 मुख्य विषय होंगे। इनमें:
- भाषा-1
- भाषा-2
- गणित
- विज्ञान
- सामाजिक विज्ञान
- वोकेशनल एजुकेशन
वोकेशनल एजुकेशन को अनिवार्य करने का उद्देश्य छात्रों को शुरुआती स्तर से ही व्यावहारिक और रोजगार से जुड़े कौशल से परिचित कराना है।
तीसरी भाषा भी पढ़ना जरूरी
कक्षा 9 में तीसरी भाषा (R3) भी जरूरी होगी। कक्षा 8 में पढ़ी जा रही तीन भाषाओं की व्यवस्था को आगे जारी रखा जाएगा और उनमें से एक भाषा को तीसरी भाषा के तौर पर माना जाएगा। तीसरी भाषा का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर होगा और छात्रों को Qualified या Not Qualified घोषित किया जाएगा। अगर छात्र प्रमोशन की बाकी सभी शर्तें पूरी करता है तो उसे कक्षा 10 में जाने की अनुमति मिल सकती है। हालांकि, 10वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल होने से पहले कक्षा 9 की तीसरी भाषा का मूल्यांकन पास करना जरूरी होगा।
मैथ्स और साइंस में Advanced Test का विकल्प
नए सिस्टम में छात्रों को Mathematics Advanced और Science Advanced Assessment का विकल्प मिलेगा। छात्र इनमें से कोई एक या दोनों आकलन दे सकते हैं। हालांकि, सभी छात्रों के लिए सामान्य गणित और विज्ञान की परीक्षा अपने निर्धारित सिलेबस के अनुसार होगी। Advanced Assessment 25 अंकों का और एक घंटे का होगा। इसमें छात्रों की विषय को समझने, तर्क करने और गहराई से सोचने की क्षमता पर ज्यादा जोर दिया जाएगा। Advanced Assessment के अंक प्रमोशन या कुल अंकों को प्रभावित नहीं करेंगे। हालांकि, 50 फीसदी या उससे अधिक अंक हासिल करने वाले छात्रों की उपलब्धि मार्कशीट में दर्ज की जाएगी।
2026-27 से Mathematics Basic और Standard खत्म
शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 9 में Mathematics Basic और Mathematics Standard की मौजूदा व्यवस्था खत्म कर दी जाएगी। हालांकि, इसी सत्र में कक्षा 10 के छात्रों के लिए Mathematics Basic और Standard की व्यवस्था जारी रहेगी।
प्रमोशन के लिए 33 फीसदी अंक जरूरी
कक्षा 9 में प्रमोशन के लिए छात्रों को 6 मुख्य विषयों में आंतरिक/प्रैक्टिकल और बाहरी परीक्षा में अलग-अलग कम से कम 33 फीसदी अंक हासिल करने होंगे। इसके अलावा वार्षिक परीक्षा में भी कम से कम 25 फीसदी अंक जरूरी होंगे। अगर कोई छात्र अधिकतम तीन विषयों में फेल होता है, तो उसे कंपार्टमेंट परीक्षा का अवसर मिलेगा। प्रमोशन या कंपार्टमेंट की निर्धारित शर्तें पूरी नहीं करने वाले छात्रों को कक्षा 9 दोबारा पढ़नी होगी।
आर्ट, फिजिकल एजुकेशन और AI पर भी जोर
नए सिलेबस में आर्ट एजुकेशन, फिजिकल एजुकेशन एंड वेल-बीइंग और समाज में व्यक्ति जैसे विषयों को भी जरूरी बनाया गया है। इसके अलावा शैक्षणिक सत्र 2026-27 से Computational Thinking और Artificial Intelligence (AI) के मॉड्यूल स्कूलों में शुरू किए जाएंगे। इन्हें 2027-28 से अनिवार्य विषय बनाया जाएगा।
छात्रों के लिए क्या बदलेगा?
कुल मिलाकर नए नियमों में कक्षा 9 की पढ़ाई को ज्यादा स्किल आधारित, व्यावहारिक और समझ-केंद्रित बनाने पर जोर दिया गया है। तीसरी भाषा और वोकेशनल एजुकेशन की अनिवार्यता के साथ AI और Computational Thinking जैसे नए क्षेत्रों को शामिल करने से छात्रों को भविष्य की शिक्षा और रोजगार की जरूरतों के लिए तैयार करने की कोशिश की जा रही है।