रामपुर: उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से जुड़े ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की है। एजेंसी ने रामपुर में आजम खान से जुड़े कई परिसरों पर कार्रवाई की है। यह कार्रवाई मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में कथित काले धन के इस्तेमाल से जुड़े मामले की जांच के तहत बताई जा रही है। ED की कार्रवाई आजम खान से जुड़े ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर चल रही जांच के बीच हुई है। इससे पहले आजम खान के खिलाफ दर्ज कई मामलों की जानकारी जांच एजेंसी के साथ साझा किए जाने की बात सामने आई थी।
जौहर यूनिवर्सिटी पहले से जांच के घेरे में
मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पिछले कुछ समय से लगातार कानूनी विवादों के कारण चर्चा में है। यूनिवर्सिटी की कथित अनियमितताओं को लेकर रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने परिसर की 40 में से 38 इमारतों को गिराने का आदेश दिया था। हालांकि, इस आदेश पर फिलहाल रोक लगी हुई है। मुरादाबाद कमिश्नर कोर्ट ने 38 इमारतों को गिराने के RDA के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त को होनी है।
कई सरकारी विभागों से मिल चुके हैं नोटिस
यूनिवर्सिटी को पिछले कुछ समय में अलग-अलग सरकारी एजेंसियों की ओर से नोटिस भी मिले हैं। 17 जून को आयकर विभाग की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के बाद 23 जून को एक और कार्रवाई सामने आई। इसके अलावा RDA, फायर विभाग, लोक निर्माण विभाग (PWD) और जल निगम की ओर से भी यूनिवर्सिटी से जुड़े मामलों में नोटिस दिए जाने की जानकारी है।
मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन रद्द
आयकर विभाग की कार्रवाई के बाद मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को लेकर भी बड़ा फैसला सामने आया था। ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन कथित तौर पर कई नियमों के उल्लंघन के आधार पर रद्द कर दिया गया था। इसके साथ ही ट्रस्ट को अपना स्टेटस बदलकर 'Association of Persons' (AOP) करने का निर्देश दिया गया था।
ED की कार्रवाई से बढ़ी हलचल
अब ED की छापेमारी के बाद जौहर यूनिवर्सिटी और आजम खान से जुड़े मामलों में जांच और तेज होने के संकेत हैं। एजेंसी की कार्रवाई कथित वित्तीय अनियमितताओं और काले धन के इस्तेमाल से जुड़े आरोपों की जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, छापेमारी के दौरान क्या-क्या दस्तावेज या अन्य सामग्री मिली है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। ED की जांच पूरी होने के बाद ही मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।