तमिलनाडु की विजय सरकार ने राज्य की महिला कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला लेते हुए तीसरे बच्चे के जन्म पर मैटरनिटी लीव 12 हफ्ते से बढ़ाकर 365 दिन यानी पूरे एक साल करने की घोषणा की है। मंत्री डी. सरथकुमार ने मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को विधानसभा में विभागीय मांगों पर चर्चा के दौरान यह ऐलान किया। सरकार के मुताबिक अब तीसरे बच्चे के मामले में भी महिला कर्मचारियों को पहले दो बच्चों के समान एक साल की छुट्टी का लाभ मिलेगा।
तीसरे बच्चे पर भी मिलेगी 365 दिन की छुट्टी
अब तक तमिलनाडु में नियमित महिला सरकारी कर्मचारियों को पहले दो बच्चों तक 365 दिन की मैटरनिटी लीव मिलती थी, जबकि तीसरे बच्चे के जन्म पर छुट्टी की अवधि केवल 12 सप्ताह यानी 84 दिन थी।विजय सरकार के नए फैसले के बाद तीसरे बच्चे के जन्म पर भी महिला कर्मचारियों को पूरे 365 दिनों की मैटरनिटी लीव मिलेगी। मंत्री ने बताया कि इस संबंध में जल्द ही आधिकारिक शासनादेश जारी किया जाएगा।
कई चरणों में बढ़ाई गई मैटरनिटी लीव
तमिलनाडु में महिला कर्मचारियों के लिए मैटरनिटी लीव की अवधि पिछले कुछ वर्षों में चरणबद्ध तरीके से बढ़ाई गई है। पहले 90 दिनों की छुट्टी का प्रावधान था, जिसे वर्ष 2011 में बढ़ाकर 6 महीने किया गया।इसके बाद 2016 में छुट्टी की अवधि बढ़ाकर 9 महीने की गई और जुलाई 2021 में इसे बढ़ाकर 365 दिन यानी एक साल कर दिया गया। हालांकि, तीसरे या उससे अधिक बच्चे के मामले में 12 सप्ताह की सीमा लागू थी।
तीसरे बच्चे पर अब 12 हफ्ते नहीं, एक साल की छुट्टी
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और राज्य सरकार के नियमों के तहत दो या उससे अधिक जीवित बच्चों वाली महिला कर्मचारियों को अब तक पूर्ण वेतन के साथ 12 सप्ताह यानी 84 दिन की मैटरनिटी लीव मिलती थी।अब सरकार ने तीसरे बच्चे के मामले में भी एक साल की छुट्टी का प्रावधान करने का फैसला किया है। इससे सरकारी सेवा में कार्यरत उन महिला कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी, जिनके तीसरे बच्चे का जन्म होता है।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी ऐलान
विधानसभा में मंत्री ने छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी बड़ी घोषणा की। सरकार ने ‘वेट्री पाथई’ (Vetri Paathai) ऐप विकसित करने की बात कही है।यह ऐप SSC, RRB, IBPS और TNPSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए उपयोगी होगा। सरकार का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक और तैयारी संबंधी सहायता उपलब्ध कराना है।