गुरुहरसहाय - पंजाब के गुरुहरसहाय इलाके के गांव टीटू खेड़ा में शादी की खुशियां उस वक्त विवाद में बदल गईं, जब फेरों से ठीक पहले दुल्हन ने शादी करने से इनकार कर दिया। राजस्थान के छतरगढ़ से बारात लेकर पहुंचे दूल्हे और उसके परिवार को आखिरकार बिना दुल्हन के ही वापस लौटना पड़ा। मामला इतना बढ़ गया कि परिवार को पुलिस को बुलाना पड़ा।
धूमधाम से हुआ था बारात का स्वागत
जानकारी के मुताबिक, दोनों परिवारों की सहमति से रिश्ता तय हुआ था। तय कार्यक्रम के अनुसार राजस्थान से दूल्हा सैमसन अपने परिजनों और रिश्तेदारों के साथ बारात लेकर टीटू खेड़ा पहुंचा। वधु पक्ष ने भी बारात का स्वागत पूरे उत्साह के साथ किया। रिबन काटने की रस्म हुई और शादी समारोह में गीत-संगीत का दौर भी चला। सब कुछ सामान्य नजर आ रहा था और दोनों परिवार शादी की रस्मों को लेकर उत्साहित थे।
सेहरा हटते ही दुल्हन ने किया शादी से इनकार
बताया गया कि वरमाला और फेरों की तैयारी के दौरान जब दूल्हा-दुल्हन आमने-सामने आए और दूल्हे का सेहरा हटाया गया, तो दुल्हन ने अचानक शादी करने से साफ मना कर दिया। उसके फैसले से दोनों पक्षों में हड़कंप मच गया और शादी की रस्में रोकनी पड़ीं। दूल्हे सैमसन के मुताबिक, वह पूरी तैयारी के साथ बारात लेकर आया था। रिबन काटने की रस्म भी हो चुकी थी, लेकिन फेरे शुरू होने से पहले ही लड़की ने शादी से इनकार कर दिया।
दुल्हन ने बताई शादी से मना करने की वजह
दुल्हन गीता ने आरोप लगाया कि रिश्ता तय होने से पहले उसे दूल्हे की ऐसी तस्वीर दिखाई गई थी, जिसमें फिल्टर का इस्तेमाल किया गया था। उसका कहना है कि जब उसने दूल्हे को सामने से देखा तो वह तस्वीर से अलग लगा और उसे पसंद नहीं आया। गीता ने कहा कि उसे पूरी जिंदगी उसी व्यक्ति के साथ बितानी थी, इसलिए वह अपनी इच्छा के खिलाफ शादी नहीं करना चाहती। उसने यह भी कहा कि यदि उस पर जबरन शादी का दबाव बनाया गया तो वह अपनी जान ले सकती है।
दूल्हे के परिवार ने आरोपों को बताया गलत
वहीं दूल्हे और उसके परिवार ने दुल्हन की ओर से लगाए गए आरोपों को स्वीकार नहीं किया। परिवार का कहना है कि रिश्ता दोनों परिवारों की सहमति से तय हुआ था और शादी से पहले लड़की पक्ष के लोगों तथा दूल्हे के बीच मोबाइल फोन पर बातचीत भी होती रही थी। दूल्हे के नाना महेंद्र सिंह ने बताया कि दूल्हे की तस्वीरें बिचौलियों और लड़की की मां की ओर से ही उपलब्ध कराई गई थीं। ऐसे में शादी के मौके पर तस्वीर और वास्तविक रूप को लेकर आपत्ति उठने से विवाद खड़ा हो गया।
विवाद के बाद पुलिस को बुलाया गया
दुल्हन के शादी से इनकार करने के बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और विवाद की स्थिति बन गई। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद मामले को शांत कराने का प्रयास किया गया। बताया गया कि दुल्हन लंबे समय से गांव में अपनी मौसी के पास रह रही थी। स्थानीय स्तर पर भी घटना की जानकारी पहुंची। गांव की महिला सरपंच के पति ने बताया कि वह घटना के समय बाहर थे, लेकिन उन्हें फेरों से पहले दुल्हन के शादी से इनकार करने की जानकारी मिली।
बिना दुल्हन वापस लौटी बारात
शादी समारोह में जहां कुछ समय पहले तक नाच-गाना और खुशियां थीं, वहीं दुल्हन के फैसले के बाद पूरा माहौल बदल गया। आखिरकार शादी की रस्में पूरी नहीं हो सकीं और राजस्थान से आई बारात को बिना दुल्हन के ही लौटना पड़ा। यह घटना एक बार फिर इस बात को सामने लाती है कि शादी जैसे महत्वपूर्ण फैसले में दोनों पक्षों की स्पष्ट सहमति और पारदर्शिता बेहद जरूरी है। रिश्ता तय करने से पहले तस्वीर, व्यक्तिगत मुलाकात और आपसी समझ को लेकर किसी भी तरह की गलतफहमी आगे चलकर बड़े विवाद का कारण बन सकती है।