उज्जैन: महाकाल क्षेत्र के सरकारी स्कूलों को दाउदखेड़ी स्थित सांदीपनि परिसर में शिफ्ट करने के फैसले पर फिलहाल रोक लग गई है। छात्राओं के विरोध, पालकों की चिंता और जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद सराफा कन्या हायर सेकंडरी स्कूल को तत्काल दाउदखेड़ी शिफ्ट नहीं किया जाएगा। मंगलवार को सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम सभापति कलावती यादव और भाजपा नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल सराफा स्कूल पहुंचे और छात्राओं से मुलाकात की। इस दौरान कलेक्टर रौशन कुमार सिंह भी मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों ने छात्राओं को भरोसा दिलाया कि उनकी पढ़ाई प्रभावित किए बिना महाकाल क्षेत्र में ही बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था तैयार करने का प्रयास किया जाएगा।
तीन स्कूलों के लिए नई जमीन चिह्नित
बैठक में सबसे अहम प्रस्ताव महाकाल क्षेत्र के सराफा, माधवगंज और महाराजवाड़ा क्रमांक-2 स्कूलों को लेकर सामने आया। इन तीनों स्कूलों के लिए शिप्रा नदी किनारे गुरुद्वारे के पास नया स्कूल भवन बनाने के लिए जमीन चिह्नित की गई है। इस विकल्प के लागू होने पर विद्यार्थियों को करीब 12 किलोमीटर दूर दाउदखेड़ी जाने की जरूरत नहीं होगी और महाकाल क्षेत्र में ही स्थायी शैक्षणिक ढांचा विकसित किया जा सकेगा। इसके अलावा मुरलीपुरा और उत्तमनगर में दो नए सीएम राइज (सांदीपनि) स्कूल खोलने की योजना भी सामने आई है।
धानमंडी स्कूल के लिए 2.5 करोड़ रुपये
विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने अपनी विधायक निधि से धानमंडी स्कूल के अपडेटेशन के लिए 2.5 करोड़ रुपये देने की घोषणा की है। इससे नए भवन तैयार होने तक मौजूदा स्कूलों की सुविधाओं को बेहतर करने की दिशा में भी काम होने की उम्मीद है। सांसद और विधायक ने कहा कि सीएम राइज स्कूलों का उद्देश्य बेहतर भवन, आधुनिक सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की ओर से भी दत्त अखाड़ा घाट के पास नया स्कूल भवन बनाने की बात कही गई है।
छात्राओं के आंदोलन के बाद बदला फैसला
सराफा स्कूल की छात्राओं ने पिछले शुक्रवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर धरना दिया था। छात्राओं का कहना था कि उन्होंने घर के नजदीक होने के कारण सराफा स्कूल में दाखिला लिया है। स्कूल को दाउदखेड़ी शिफ्ट करने पर उन्हें रोजाना करीब 12 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी। छात्राओं के विरोध के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने समिति बनाकर विद्यार्थियों और पालकों की समस्याएं सुनने का आश्वासन दिया था। मंगलवार को जनप्रतिनिधियों की स्कूल में मौजूदगी के बाद शिफ्टिंग को लेकर फिलहाल राहत मिल गई है।
11 स्कूलों को शिफ्ट करने का था आदेश
गौरतलब है कि 30 मार्च को महाकाल क्षेत्र के 11 सरकारी स्कूलों को सांदीपनि परिसर में शिफ्ट करने का आदेश जारी किया गया था। इनमें से आठ स्कूल शिफ्ट हो चुके हैं, जबकि सराफा, माधवगंज और महाराजवाड़ा क्रमांक-2 अब भी पुराने भवनों में संचालित हो रहे हैं। इन तीन स्कूलों में करीब 1,800 विद्यार्थी और 74 शिक्षक-कर्मचारी हैं।
अब नए भवनों पर होगी नजर
फिलहाल स्कूलों की शिफ्टिंग रोकना पहला कदम है। असली चुनौती चिह्नित जमीन पर नए स्कूल भवनों का निर्माण समय पर शुरू कराना है। यदि प्रस्तावित भवन जल्द तैयार होते हैं तो महाकाल क्षेत्र के विद्यार्थियों को दूर भेजने की समस्या का स्थायी समाधान निकल सकता है। सिंहस्थ को देखते हुए महाकाल क्षेत्र में बढ़ने वाली आबादी और विद्यार्थियों की संख्या के मद्देनजर मजबूत शैक्षणिक ढांचा तैयार करना भी प्रशासन के लिए अहम चुनौती होगी।