नई दिल्ली: ‘श्रीरामचरितमानस’ के रचयिता और महान संत-कवि गोस्वामी तुलसीदास की जयंती पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने तुलसीदास के साहित्य और भगवान श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने में उनके योगदान को याद किया। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर तुलसीदास को नमन करते हुए कहा कि उनकी रामभक्ति और साहित्य का प्रकाश आने वाली पीढ़ियों को सत्य, मर्यादा और धर्म के मार्ग पर प्रेरित करता रहेगा। बिरला ने कहा कि तुलसीदास ने लोकभाषा के माध्यम से भक्ति को जन-जन तक पहुंचाया और भगवान श्रीराम के चरित्र को भारतीय जनमानस के जीवन-मूल्यों का आधार बनाया। उन्होंने ‘श्रीरामचरितमानस’ में मर्यादा, करुणा, त्याग, सत्य, कर्तव्य और धर्म के समन्वय को रेखांकित किया।
तुलसीदास की अन्य रचनाओं को भी किया याद
ओम बिरला ने तुलसीदास की अन्य प्रमुख कृतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘विनय पत्रिका’, ‘कवितावली’, ‘दोहावली’, ‘गीतावली’ और ‘वैराग्य संदीपनी’ जैसी रचनाओं के जरिए उन्होंने भारतीय आध्यात्मिक परंपरा को समृद्ध किया।
नितिन गडकरी ने भी दी श्रद्धांजलि
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी तुलसीदास जयंती पर उन्हें नमन किया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में गोस्वामी तुलसीदास को श्रद्धांजलि देते हुए देशवासियों को जयंती की शुभकामनाएं दीं।
योगी आदित्यनाथ ने बताया कालजयी साहित्य का पथप्रदर्शक
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुलसीदास को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों, सनातन संस्कृति और भारतीय जीवन मूल्यों के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया। उन्होंने ‘श्रीरामचरितमानस’ को लोकमंगल का शाश्वत पथप्रदर्शक बताया और तुलसीदास के साहित्य को भारतीय सांस्कृतिक परंपरा की महत्वपूर्ण धरोहर बताया।
मोहन यादव ने कहा- अनंतकाल तक आलोकित करता रहेगा साहित्य
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी गोस्वामी तुलसीदास को नमन किया। उन्होंने कहा कि तुलसीदास ने भगवान श्रीराम के चरित्र के माध्यम से जो मंगलकारी संदेश दिया, वह अनंतकाल तक जनमानस को आलोकित करता रहेगा।
रेखा गुप्ता ने हनुमान चालीसा का किया उल्लेख
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने तुलसीदास जयंती पर उन्हें नमन करते हुए ‘श्रीरामचरितमानस’ और ‘हनुमान चालीसा’ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि तुलसीदास की वाणी ने भक्ति को लोकमंगल, आस्था को आचरण और धर्म को कर्तव्य एवं मर्यादा से जोड़ा। रेखा गुप्ता ने तुलसीदास के साहित्य को भारतीय आध्यात्मिक परंपरा और सांस्कृतिक चेतना की महत्वपूर्ण धरोहर बताया।
भजनलाल शर्मा ने भी किया नमन
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गोस्वामी तुलसीदास को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि ‘श्रीरामचरितमानस’ भारतीय संस्कृति, आस्था और जीवन मूल्यों की अनुपम धरोहर है। उन्होंने कहा कि तुलसीदास द्वारा दिए गए भगवान श्रीराम के आदर्श, मर्यादा, धर्म और लोकमंगल के संदेश आने वाली पीढ़ियों को सत्य, कर्तव्य और सदाचार के मार्ग पर प्रेरित करते रहेंगे। वहीं, बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी तुलसीदास जयंती पर उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि तुलसीदास की अमर रचनाएं भगवान श्रीराम के आदर्शों और मर्यादा का संदेश जन-जन तक पहुंचाती रहेंगी।