कोलकाता:कोलकाता के न्यू मार्केट इलाके की मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित होटल 'शिखा इन' में बुधवार तड़के लगी भीषण आग की जांच में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। शुरुआती जांच के मुताबिक होटल के पास वैध फायर सेफ्टी लाइसेंस नहीं था और इमरजेंसी एग्जिट को भी कथित तौर पर दीवार खड़ी कर बंद कर दिया गया था। इस अग्निकांड में अब तक 9 लोगों की मौत की खबर है, जबकि राहत और बचाव टीमों ने करीब 80 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
बिना फायर लाइसेंस और बंद था इमरजेंसी एग्जिट
पुलिस और दमकल विभाग की शुरुआती जांच में सामने आया है कि भवन में अनिवार्य फायर सेफ्टी लाइसेंस और फायर ऑडिट से जुड़े दस्तावेज नहीं मिले। सबसे गंभीर आरोप यह है कि आपात स्थिति में बाहर निकलने के लिए निर्धारित रास्ते को निर्माण कराकर बंद कर दिया गया था। जांच में बिजली व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। पुराने भवन में कई गेस्ट हाउस संचालित होने और एक ही बिजली कनेक्शन पर कई AC व अन्य भारी उपकरण चलाए जाने की बात सामने आई है। इससे ओवरलोडिंग और शॉर्ट सर्किट की आशंका की जांच की जा रही है।
मृतकों की पहचान में जुटी पुलिस
पुलिस को आशंका है कि मृतकों में कुछ बांग्लादेशी नागरिक भी हो सकते हैं। हालांकि उनकी राष्ट्रीयता और पहचान की आधिकारिक पुष्टि की प्रक्रिया अभी जारी है।
IPS शैलजा दास के नेतृत्व में SIT
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोलकाता पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है। रिपोर्ट के अनुसार, डिटेक्टिव डिपार्टमेंट की डिप्टी कमिश्नर IPS शैलजा दास SIT की कमान संभालेंगी। SIT होटल की फायर सेफ्टी व्यवस्था, इमरजेंसी एग्जिट, बिजली कनेक्शन, गेस्ट हाउसों की वैधता और संभावित अवैध निर्माण समेत सभी पहलुओं की जांच करेगी। होटल मालिक और प्रबंधन के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। अब जांच का अहम सवाल यही है कि यदि सुरक्षा मानकों में इतनी गंभीर खामियां थीं, तो होटल इतने लंबे समय तक कैसे संचालित होता रहा और संबंधित विभागों की निगरानी कहां थी? इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।