छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को राज्य मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक मंत्रालय में शाम 6 बजे शुरू होगी। मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे से लौटने के तुरंत बाद अचानक बुलाई गई इस बैठक को राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। बैठक को लेकर सत्ता और प्रशासनिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
हालांकि राज्य सरकार की ओर से अब तक बैठक का आधिकारिक एजेंडा जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक, विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। माना जा रहा है कि सरकार प्रदेश में चल रहे ‘सुशासन तिहार’ अभियान की समीक्षा कर सकती है और आम जनता से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर विभागों को नए निर्देश दिए जा सकते हैं।
सुशासन तिहार अभियान की हो सकती है समीक्षा
सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट बैठक में सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘सुशासन तिहार’ अभियान की प्रगति पर विशेष चर्चा की संभावना है। इस अभियान के तहत आम नागरिकों की शिकायतों और समस्याओं के त्वरित निराकरण पर जोर दिया जा रहा है। सरकार चाहती है कि प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनाया जाए ताकि लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
बैठक में विभिन्न जिलों से प्राप्त फीडबैक, शिकायतों के निराकरण की स्थिति और अधिकारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा भी की जा सकती है। इसके साथ ही लंबित मामलों के समाधान को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी होने की संभावना जताई जा रही है।
जनहित योजनाओं पर लिए जा सकते हैं बड़े फैसले
कैबिनेट बैठक में प्रदेश की जनता को राहत देने वाले कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी मिल सकती है। इसमें किसानों, युवाओं, महिलाओं और गरीब वर्ग से जुड़ी योजनाओं पर चर्चा होने की संभावना है। सरकार कुछ नई योजनाओं की घोषणा या मौजूदा योजनाओं के विस्तार को लेकर भी निर्णय ले सकती है।
बताया जा रहा है कि बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे बुनियादी मुद्दों पर भी मंत्रिपरिषद विचार कर सकती है। इसके अलावा विकास कार्यों की गति तेज करने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।
प्रशासनिक फेरबदल और नई नियुक्तियों पर भी नजर
राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी तेज है कि बैठक में प्रशासनिक फेरबदल और कुछ महत्वपूर्ण नियुक्तियों को लेकर भी फैसला लिया जा सकता है। मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे के बाद अचानक कैबिनेट बैठक बुलाए जाने से इस तरह की अटकलें और बढ़ गई हैं।
सूत्रों का मानना है कि सरकार आने वाले समय में प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए कुछ बड़े कदम उठा सकती है। कई विभागों में कार्यों की समीक्षा के बाद अधिकारियों को लेकर अहम निर्णय भी संभव बताए जा रहे हैं।
विपक्ष की भी बैठक पर नजर
राज्य की विपक्षी पार्टियों की नजर भी इस कैबिनेट बैठक पर टिकी हुई है। विपक्ष सरकार से महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और विकास कार्यों को लेकर लगातार सवाल उठा रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार बैठक के जरिए जनता को राहत देने वाले कुछ बड़े फैसले लेकर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश कर सकती है।
दिल्ली दौरे के बाद बढ़ी राजनीतिक चर्चा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय हाल ही में दिल्ली दौरे से लौटे हैं। उनके दौरे के तुरंत बाद कैबिनेट बैठक बुलाए जाने को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि दिल्ली में पार्टी नेतृत्व के साथ हुई चर्चाओं के बाद राज्य सरकार अब कुछ महत्वपूर्ण फैसलों को अंतिम रूप दे सकती है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि कैबिनेट बैठक में कौन-कौन से प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है और सरकार जनता को क्या नई सौगात देती है।