कर्नाटक की राजनीति में मुख्यमंत्री पद और कैबिनेट फेरबदल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री Siddaramaiah और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार आज सुबह 11 बजे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे। दोनों नेता सोमवार रात दिल्ली पहुंचे। दिल्ली पहुंचने के बाद सिद्धारमैया ने कहा कि हाईकमान के बुलावे पर वे आए हैं और बैठक के एजेंडे की जानकारी उन्हें नहीं है। उनके साथ कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर भी मौजूद रहे। वहीं डीके शिवकुमार ने दिल्ली रवाना होने से पहले कहा कि कुछ परिस्थितियों में दिल्ली जाना जरूरी हो जाता है।
नेतृत्व परिवर्तन और कैबिनेट फेरबदल पर नजर
बैठक को राज्य में संभावित नेतृत्व परिवर्तन, कैबिनेट फेरबदल और कांग्रेस के अंदरूनी विवादों से जोड़कर देखा जा रहा है। कर्नाटक सरकार में मंत्री Satish Jarkiholi ने कहा कि दिल्ली में होने वाली बैठक का उद्देश्य पार्टी के अंदर चल रहे मुद्दों को सुलझाना है।
सूत्रों के मुताबिक सिद्धारमैया कैबिनेट फेरबदल के पक्ष में हैं, जबकि शिवकुमार पहले नेतृत्व परिवर्तन पर फैसला चाहते हैं। पार्टी के अंदर यह चर्चा भी तेज है कि अगर हाईकमान कैबिनेट विस्तार को मंजूरी देता है तो इससे सिद्धारमैया के पूरे पांच साल तक मुख्यमंत्री बने रहने के संकेत मिल सकते हैं।
बीजेपी ने कांग्रेस पर बोला हमला
बीजेपी प्रवक्ता Shehzad Poonawalla ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष केवल नाम के अध्यक्ष हैं और पार्टी “रिमोट कंट्रोल” से चलाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में केरल, हिमाचल और कर्नाटक समेत कई राज्यों में सत्ता संघर्ष चल रहा है।
2.5 साल के फॉर्मूले पर फिर चर्चा
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार बनने के बाद से ही मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच समझौते की चर्चा होती रही है। शिवकुमार समर्थक विधायकों का दावा है कि 2023 में सरकार गठन के समय मुख्यमंत्री पद के लिए 2.5-2.5 साल का फॉर्मूला तय हुआ था, हालांकि सिद्धारमैया गुट लगातार इससे इनकार करता रहा है। 20 नवंबर 2025 को कांग्रेस सरकार के 2.5 साल पूरे होने के बाद से नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें और तेज हो गई हैं। अब सभी की नजर दिल्ली में होने वाली इस अहम बैठक पर टिकी हुई है।