नई दिल्ली:दुनियाभर में तेजी से फैल रहे इबोला वायरस संक्रमण को लेकर भारत सरकार अलर्ट मोड पर आ गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सोमवार को उच्चस्तरीय बैठक कर देश में इबोला वायरस रोग (EVD) से निपटने की तैयारियों और स्वास्थ्य व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक में अस्पतालों की तैयारी, निगरानी व्यवस्था और संभावित संक्रमण से बचाव को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। हालांकि भारत में अब तक इबोला संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन केंद्र सरकार किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है।
अफ्रीका में बढ़ते मामलों के बाद भारत में बढ़ी सतर्कता
दरअसल अफ्रीका के कई देशों में हाल ही में इबोला संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO ने इस प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है। वहीं अफ्रीका CDC ने भी इसे महाद्वीपीय सुरक्षा से जुड़ा बड़ा स्वास्थ्य संकट बताया है। इसी को देखते हुए भारत सरकार ने एहतियात बढ़ा दिए हैं और स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी संबंधित एजेंसियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों की तैयारियों की समीक्षा
स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बैठक के दौरान अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड, इमरजेंसी प्रतिक्रिया व्यवस्था और संक्रमण नियंत्रण उपायों की समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किसी भी संदिग्ध मरीज की पहचान और इलाज के लिए पूरी तैयारी रखी जाए। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में जरूरी उपकरण, सुरक्षा किट और प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ उपलब्ध रखने पर भी जोर दिया गया।
सीमावर्ती क्षेत्रों और एयरपोर्ट पर बढ़ेगी निगरानी
केंद्र सरकार ने सीमावर्ती इलाकों और अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट्स पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। विदेश से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य जांच पर विशेष फोकस रहेगा। अधिकारियों से कहा गया है कि किसी भी संदिग्ध लक्षण वाले यात्री की जानकारी तुरंत स्वास्थ्य एजेंसियों तक पहुंचाई जाए ताकि समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें।
स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत करने पर जोर
बैठक में स्वास्थ्य प्रणाली की क्षमता बढ़ाने और रोग निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर भी चर्चा हुई। मंत्रालय ने कहा कि राज्यों और स्वास्थ्य एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर बनाया जाएगा ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। सरकार का कहना है कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्कता बेहद जरूरी है।
बैठक में शामिल हुए कई वरिष्ठ अधिकारी
इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद यानी ICMR के महानिदेशक, स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक, अतिरिक्त सचिव (जन स्वास्थ्य) और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र यानी NCDC के निदेशक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में देशभर की स्वास्थ्य तैयारियों का विस्तृत आकलन किया गया।