भोपाल - मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में मध्यप्रदेश वक्फ़ बोर्ड ने नवीन वक्फ़ अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के जरिए प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर बड़ी मजबूती हासिल की है। राज्य सरकार का दावा है कि वक्फ़ संपत्तियों की सुरक्षा, पारदर्शी प्रबंधन और समाजहित में उपयोग सुनिश्चित करने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। इसी क्रम में वक्फ़ माफियाओं, अवैध कब्जाधारियों और दागदार प्रबंधकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी जारी है।
1500 से ज्यादा छात्रों को स्कूल छोड़ने से बचाया
मध्यप्रदेश वक्फ़ बोर्ड द्वारा शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए “पढ़ो-पढ़ाओ, राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनो” अभियान चलाया जा रहा है। बोर्ड के मुताबिक इस पहल के जरिए 1500 से अधिक विद्यार्थियों को स्कूल ड्रॉप आउट होने से बचाया गया है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज भोपाल के रविंद्र भवन में 849 मेधावी विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप देकर सम्मानित करेंगे। सरकार का कहना है कि नवीन वक्फ़ अधिनियम लागू होने के बाद समाज के बेटा-बेटियों के लिए नई संभावनाएं खुली हैं।
वक्फ़ संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों पर कार्रवाई
वक्फ़ बोर्ड ने कई मामलों में आर्थिक अनियमितताओं और संपत्ति नुकसान को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। इंदौर के बड़वाली चौकी प्रकरण में 1 करोड़ 24 लाख रुपये की वसूली की कार्रवाई की गई है। वहीं भोपाल के वक्फ़ हिंदू अनाथालय मामले में 1 करोड़ 5 लाख रुपये की रिकवरी के लिए आरआरसी जारी हुई है। इसके अलावा जबलपुर की अंजुमन इस्लामिया संस्था के पूर्व अध्यक्ष पर 81 लाख रुपये से अधिक की वसूली का नोटिस जारी किया गया है। कुल मिलाकर 41 करोड़ रुपये से ज्यादा की वसूली नोटिस विभिन्न मामलों में जारी किए गए हैं।
डिजिटलीकरण और पौधरोपण अभियान पर जोर
मध्यप्रदेश वक्फ़ बोर्ड ने वक्फ़ संपत्तियों को “उम्मीद पोर्टल” पर दर्ज कराने में देश में पहला स्थान हासिल किया, जिसके लिए बोर्ड को स्कॉच अवॉर्ड भी मिला। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के तहत प्रदेशभर की वक्फ़ भूमि पर 5 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। सरकार ने लोगों से अपने पूर्वजों के नाम पर पौधरोपण करने की अपील भी की है।