नई दिल्ली - देश में रोजमर्रा की जरूरत की कई वस्तुएं जल्द महंगी हो सकती हैं। दिग्गज FMCG कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) ने संकेत दिया है कि सितंबर तिमाही के दौरान कई प्रोडक्ट कैटेगरी की कीमतों में बढ़ोतरी की जा सकती है। कंपनी के शीर्ष प्रबंधन के अनुसार, अप्रैल-जून 2026 तिमाही की तुलना में मौजूदा तिमाही में उत्पादों की कीमतों में 2 से 5 प्रतिशत तक की वृद्धि होने की संभावना है।
किन उत्पादों पर पड़ सकता है असर?
कीमतों में संभावित बढ़ोतरी का असर उन उत्पादों पर पड़ सकता है, जिनका इस्तेमाल लगभग हर घर में रोजाना होता है। इनमें डिटर्जेंट, खाद्य तेल, चाय, कॉफी, फ्लोर क्लीनर, शैम्पू, टूथपेस्ट, साबुन, फेस क्रीम, हेल्थ ड्रिंक, जैम, सूप और अन्य पर्सनल केयर एवं होम केयर प्रोडक्ट शामिल हैं।
HUL के कई लोकप्रिय ब्रांड
हिंदुस्तान यूनिलीवर देश की सबसे बड़ी FMCG कंपनियों में से एक है और इसके कई लोकप्रिय ब्रांड भारतीय बाजार में मजबूत पकड़ रखते हैं। कंपनी के प्रमुख ब्रांडों में व्हील, सर्फ एक्सेल, विम, रिन, लाइफबॉय, लक्स, डव, हमाम, रेक्सोना, सनसिल्क, क्लिनिक प्लस, इंदुलेखा, क्लोजअप, पेप्सोडेंट, पॉन्ड्स, वैसलीन, लैक्मे, रेड लेबल, ताज महल, ब्रू, हॉरलिक्स, बूस्ट, किसान जैम और नॉर सूप शामिल हैं।
क्यों बढ़ सकती हैं कीमतें?
कंपनी का कहना है कि कच्चे माल की लागत, इनपुट कॉस्ट और अन्य परिचालन खर्चों में बढ़ोतरी का असर उत्पादों की कीमतों पर पड़ रहा है। ऐसे में लागत के दबाव को संतुलित करने के लिए चुनिंदा उत्पादों के दाम बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, सभी उत्पादों में समान रूप से कीमतें बढ़ेंगी या नहीं, इस पर अंतिम फैसला बाजार की स्थिति और लागत के आधार पर लिया जाएगा।
आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा असर
यदि कंपनी कीमतों में बढ़ोतरी करती है, तो इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की मासिक घरेलू बजट पर पड़ेगा। रोजाना इस्तेमाल होने वाले उत्पाद महंगे होने से घरों का खर्च बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अन्य FMCG कंपनियां भी इसी तरह के कदम उठाती हैं, तो आने वाले महीनों में दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में व्यापक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
