उज्जैन: सिंहस्थ महापर्व 2028 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और विश्वस्तरीय बनाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार उज्जैन सिंहस्थ में पहली बार हाईटेक स्मार्ट ड्रोन, इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम और रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा। अनुमान है कि सिंहस्थ 2028 में करीब 40 करोड़ श्रद्धालु उज्जैन पहुंच सकते हैं। इतनी बड़ी भीड़ की सुरक्षा और प्रबंधन के लिए प्रशासन आधुनिक तकनीक का सहारा ले रहा है। इसी कड़ी में मोक्षदायिनी शिप्रा नदी के तट पर अत्याधुनिक ड्रोन का लाइव डेमो आयोजित किया गया, जिसमें वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने इसकी कार्यक्षमता का परीक्षण किया।
शिप्रा नदी के घाटों पर हाईटेक ड्रोन का लाइव डेमो
उज्जैन के राणोजी की छत्री पर आयोजित ड्रोन डेमो में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) राकेश गुप्ता, संभागायुक्त एवं सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, डीआईजी नवनीत भसीन और एसपी प्रदीप शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। चेन्नई, दिल्ली और गुरुग्राम की कंपनियों ने ऐसे आधुनिक ड्रोन का प्रदर्शन किया, जो लगभग 8 किलोमीटर तक प्रभावी निगरानी करने में सक्षम हैं।
8 किलोमीटर तक होगी लाइव निगरानी, कंट्रोल रूम को मिलेगा रियल-टाइम डेटा
डेमो के दौरान ड्रोन ने शिप्रा नदी, घाटों, मेला क्षेत्र, प्रमुख मार्गों और आसपास की गलियों की लाइव मॉनिटरिंग कर दिखाई।
अधिकारियों ने इन तकनीकों का परीक्षण किया—
- हाई-रिजॉल्यूशन कैमरा क्वालिटी
- लंबी दूरी तक उड़ान क्षमता
- रियल-टाइम वीडियो ट्रांसमिशन
- आपदा प्रबंधन में उपयोग
कंट्रोल रूम से लाइव कनेक्टिविटी
ड्रोन से प्राप्त होने वाली लाइव तस्वीरें और वीडियो सीधे इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम तक पहुंचेंगी, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी। सिर्फ निगरानी नहीं, भीड़ नियंत्रण और घोषणाएं भी करेंगे ड्रोन
प्रशासन के अनुसार सिंहस्थ 2028 में ड्रोन केवल सुरक्षा निगरानी तक सीमित नहीं रहेंगे।
इनका उपयोग—
- भीड़ नियंत्रण
- ट्रैफिक मैनेजमेंट
- आपदा राहत
- सार्वजनिक घोषणाएं
- घाटों पर श्रद्धालुओं की संख्या की निगरानी
- संवेदनशील क्षेत्रों की लाइव मॉनिटरिंग
जैसे कार्यों में भी किया जाएगा। इससे कंट्रोल रूम को हर समय मेला क्षेत्र की स्थिति की सटीक जानकारी मिलती रहेगी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर तेज हुई तैयारियां
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सिंहस्थ 2028 को वैश्विक स्तर का आयोजन बनाने के लिए कई परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है।
इनमें शामिल हैं—
- नई सड़कें
- पुलों का निर्माण
- घाटों का विस्तार
- पेयजल व्यवस्था
- विद्युत आपूर्ति
- स्वच्छता प्रबंधन
- आधुनिक यातायात व्यवस्था
- सरकार का लक्ष्य तकनीक और बेहतर प्रबंधन के जरिए श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम अनुभव उपलब्ध कराना है।
स्मार्ट सिंहस्थ की ओर बढ़ता उज्जैन
प्रशासन का कहना है कि सिंहस्थ 2028 को Smart Simhastha की अवधारणा के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। हाईटेक ड्रोन, डिजिटल निगरानी, इंटीग्रेटेड कंट्रोल सेंटर और स्मार्ट सुरक्षा व्यवस्था के जरिए यह आयोजन तकनीक और प्रबंधन के नए मानक स्थापित कर सकता है।