ग्वालियर: मध्य प्रदेश के बहुचर्चित सिंधिया राजघराने की करीब ₹40 हजार करोड़ की संपत्ति विवाद मामले में बुधवार को ग्वालियर जिला न्यायालय में अहम सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष करीब 1,000 पन्नों का रिकॉर्ड पेश किया गया। दस्तावेजों की संख्या और मामले की जटिलता को देखते हुए कोर्ट ने अगली सुनवाई 8 अक्टूबर तय की है। यह मामला ग्वालियर राजघराने की विरासत से जुड़ी संपत्तियों को लेकर लंबे समय से चर्चा में है। अदालत में हुई ताजा सुनवाई के बाद अब सभी की नजरें अक्टूबर में होने वाली अगली सुनवाई पर टिक गई हैं।
कैविएट को लेकर हुई अहम बहस
सुनवाई का मुख्य केंद्र केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की बड़ी बुआ स्वर्गीय पद्माराजे सिंधिया की बेटी प्रतिमा देवी की ओर से दायर कैविएट रही। अदालत में कैविएट को निरस्त करने की मांग की गई, जिस पर दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क रखे। सुनवाई के दौरान पूर्व की न्यायिक कार्रवाई, दावा-आपत्ति, फैमिली सेटलमेंट से जुड़े राजीनामे और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए गए।
कोर्ट बोला- दस्तावेजों का अध्ययन जरूरी
दूसरे पक्ष की ओर से दलील दी गई कि कैविएट के साथ केवल आवेदन प्रस्तुत किया गया है, जबकि उससे संबंधित आवश्यक दस्तावेज संलग्न नहीं किए गए हैं। इसलिए इसे स्वीकार करने का आधार नहीं बनता और इसे निरस्त किया जाना चाहिए। हालांकि अदालत ने रिकॉर्ड की व्यापकता को देखते हुए कहा कि सभी दस्तावेजों का गहन अध्ययन आवश्यक है। इसी वजह से मामले की सुनवाई आगे बढ़ाते हुए 8 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की गई।
सुनवाई के दौरान एक और आपत्ति दर्ज
कोर्ट में एक अतिरिक्त आपत्ति भी दर्ज कराई गई। इसमें कहा गया कि संपत्ति विवाद से जुड़े जिन राजीनामा दस्तावेजों पर कैविएट दायर करने वाली पक्षकार की बहनों के हस्ताक्षर हैं, वे भी इस विवाद का हिस्सा हैं। ऐसे में सभी संबंधित पक्षों को सुने बिना अंतिम आदेश पारित नहीं किया जाना चाहिए। मामले में ज्योतिरादित्य सिंधिया की ओर से भी अदालत में जवाब प्रस्तुत किया जाएगा।
किन संपत्तियों को लेकर है विवाद?
करीब ₹40 हजार करोड़ की बताई जा रही इस संपत्ति में कई ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित संपत्तियां शामिल हैं, जिनमें—
- ग्वालियर का जयविलास पैलेस
- शिवपुरी का माधव विलास पैलेस
- हैप्पी विलास
- जॉर्ज कैसल कॉटेज
- उज्जैन का कालियादेह पैलेस
- दिल्ली स्थित ग्वालियर हाउस
- राजगढ़ रोड का प्लॉट
- पुणे का पूर्व विलास पैलेस
- सिंधिया छत्री
- विदिशा का मंदिर
- अन्य अचल संपत्तियां
इन्हीं संपत्तियों के स्वामित्व और पारिवारिक अधिकारों को लेकर विवाद न्यायालय में विचाराधीन है।
अभी कोई अंतरिम आदेश नहीं
ग्वालियर जिला न्यायालय ने फिलहाल मामले में कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया है। अब अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को होगी, जिसमें अदालत रिकॉर्ड और पक्षकारों की दलीलों पर आगे विचार करेगी।
Highlights
- सिंधिया राजघराने की ₹40 हजार करोड़ की संपत्ति विवाद पर ग्वालियर कोर्ट में सुनवाई।
- अदालत में करीब 1,000 पन्नों का रिकॉर्ड पेश किया गया।
- कैविएट को लेकर दोनों पक्षों ने रखे अपने-अपने तर्क।
- कोर्ट ने दस्तावेजों के अध्ययन के लिए समय देते हुए 8 अक्टूबर की अगली तारीख तय की।
- फिलहाल अदालत ने कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया।