देहरादून: उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन ने एक बार फिर चारधाम यात्रा 2026 की रफ्तार थाम दी है। बुधवार को भानेरपानी के पास पहाड़ी से भारी मलबा गिरने के कारण बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया। वहीं मुंकटिया क्षेत्र में भूस्खलन के चलते केदारनाथ हाईवे भी बाधित हो गया। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर रोक जारी रखने का फैसला किया है। प्रशासन का कहना है कि जब तक मौसम सामान्य नहीं हो जाता और सभी मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं किए जाते, तब तक यात्रा दोबारा शुरू नहीं की जाएगी।
भूस्खलन से बंद हुआ बद्रीनाथ हाईवे
बुधवार सुबह भानेरपानी के पास अचानक पहाड़ी से भारी मलबा और चट्टानें गिरने के कारण बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह बंद हो गया। इससे बद्रीनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हुई। राजमार्ग खोलने के लिए राहत एवं बचाव दल भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाने में जुटे हैं।
केदारनाथ हाईवे पर भी बारिश बनी बड़ी चुनौती
लगातार हो रही बारिश का असर केदारनाथ मार्ग पर भी देखने को मिला। मुंकटिया क्षेत्र में चट्टानें और मलबा गिरने से हाईवे बाधित हो गया। जिला प्रशासन ने बताया कि यह इलाका पहले से ही संवेदनशील है और यहां लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। सुरक्षा के मद्देनजर श्रद्धालुओं को प्रशासन की निगरानी में सुरक्षित स्थानों पर रोका और जरूरत पड़ने पर नियंत्रित तरीके से आगे भेजा जा रहा है।
चारधाम यात्रा फिलहाल स्थगित रहेगी
गढ़वाल मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि मंगलवार को यात्रा रोकने का जो निर्णय लिया गया था, वह बुधवार को भी जारी रखा गया है।
उन्होंने कहा कि यात्रा तभी दोबारा शुरू होगी जब—
- मौसम सामान्य होगा।
- सभी प्रभावित मार्गों से मलबा पूरी तरह हट जाएगा।
- सड़कें सुरक्षित घोषित कर दी जाएंगी।
- यात्रियों की आवाजाही के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनेंगी।
कंट्रोल रूम और बचाव एजेंसियां अलर्ट पर
चारधाम यात्रा कंट्रोल रूम लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
- पुलिस
- जिला प्रशासन
- राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF)
- सेक्टर अधिकारी
- लगातार मौसम और सड़क मार्गों की निगरानी कर रहे हैं। श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और बिना अनुमति यात्रा मार्ग की ओर न बढ़ें।
45 लाख से अधिक श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन
खराब मौसम के बावजूद इस वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु चारधाम यात्रा कर चुके हैं।
25 जुलाई तक के सरकारी आंकड़ों के अनुसार:
कुल श्रद्धालु: 45,23,412
धामवार आंकड़े—
- बद्रीनाथ: 15,53,525
- केदारनाथ: 14,14,590
- गंगोत्री: 7,09,418
- यमुनोत्री: 6,49,957
पिछले 24 घंटे में घटी यात्रियों की संख्या
लगातार बारिश और मार्ग बंद होने का असर यात्रियों की संख्या पर भी साफ दिखाई दे रहा है।
पिछले 24 घंटे में केवल 8,126 श्रद्धालुओं ने यात्रा की।
इनमें—
- बद्रीनाथ: 2,778
- गंगोत्री: 2,475
- केदारनाथ: 942
- यमुनोत्री: 895
श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम रही।
श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन की सलाह
प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि—
- मौसम सामान्य होने तक यात्रा स्थलों की ओर रवाना न हों।
- यात्रा शुरू करने से पहले आधिकारिक अपडेट जरूर देखें।
- प्रशासन और पुलिस के निर्देशों का पालन करें।
- संवेदनशील क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचें।
Highlights
- भारी बारिश और भूस्खलन के कारण चारधाम यात्रा फिर रोकी गई।
- भानेरपानी में मलबा गिरने से बद्रीनाथ हाईवे बंद।
- मुंकटिया क्षेत्र में भूस्खलन से केदारनाथ मार्ग भी बाधित।
- प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए यात्रा स्थगित रखी।
- अब तक 45.23 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम के दर्शन कर चुके हैं।
- SDRF, पुलिस और जिला प्रशासन संवेदनशील इलाकों में अलर्ट पर।