भोपाल | मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर कांग्रेस के आंदोलन के ऐलान के बाद बीजेपी ने पलटवार किया है। बीजेपी ने कांग्रेस से कहा है कि अगर उसे मतदाता सूची में किसी तरह की गड़बड़ी नजर आ रही है तो वह उसे ठोस प्रमाण के साथ सामने रखे। बीजेपी ने SIR को चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी नियमित कवायद बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और उसमें जरूरी सुधार करना है।
SIR को लेकर कांग्रेस के आंदोलन पर बीजेपी का जवाब
कांग्रेस की ओर से SIR के मुद्दे पर आंदोलन का ऐलान किए जाने के बाद बीजेपी ने इसे लेकर अपना पक्ष रखा। बीजेपी का कहना है कि मतदाता सूची में अगर किसी तरह की अनियमितता है तो कांग्रेस को केवल आरोप लगाने के बजाय उसके प्रमाण सामने रखने चाहिए। पार्टी ने कहा कि मतदाता सूची की जांच और उसमें आवश्यक संशोधन चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा है।
मृत लोगों के नाम हटाने से लेकर पता बदलने तक की प्रक्रिया
बीजेपी के मुताबिक, SIR के दौरान मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए कई तरह की प्रक्रियाएं की जाती हैं। इनमें दिवंगत मतदाताओं के नाम हटाना, अपात्र या अवैध नामों को हटाना और मतदाताओं के पते में बदलाव होने पर रिकॉर्ड को अपडेट करना शामिल है। पार्टी का कहना है कि ऐसी कवायद का उद्देश्य मतदाता सूची को व्यवस्थित और अपडेट रखना है।
बीजेपी ने कहा- कांग्रेस पहले भी करा चुकी है SIR
बीजेपी ने अपने पलटवार में यह भी कहा कि कांग्रेस के शासन के दौरान भी इस तरह की प्रक्रिया कराई जा चुकी है। पार्टी का तर्क है कि जिस प्रक्रिया को लेकर अब कांग्रेस सवाल उठा रही है, उसका इस्तेमाल पहले भी चुनावी व्यवस्था में किया जाता रहा है। बीजेपी ने कांग्रेस से इस मुद्दे पर राजनीतिक आरोपों के बजाय तथ्य और प्रमाण सामने रखने को कहा है।
कांग्रेस पर मुद्दों के अभाव का आरोप
बीजेपी ने कांग्रेस पर मुद्दों के अभाव में SIR को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप भी लगाया। पार्टी के मुताबिक, कांग्रेस लगातार चुनावों में हार का सामना कर रही है और इसी वजह से वह ऐसे मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रही है। हालांकि, SIR को लेकर कांग्रेस की आपत्तियां और आंदोलन का उसका पक्ष अलग है। ऐसे में मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के आसार हैं।