बंगाल की खाड़ी का डीप डिप्रेशन उत्तर आंध्रप्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट के करीब पहुंचा, जिसके चलते ओडिशा में करीब 5 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया।ओडिशा के कई जिलों में स्कूल बंद हैं, जबकि आंध्रप्रदेश और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश तथा कुछ पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का अलर्ट है।
बंगाल की खाड़ी में बना गहरा अवदाब उत्तर आंध्रप्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट की ओर तेजी से बढ़ा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, 23 सितंबर की शाम यह कलिंगपट्टनम के दक्षिण-पश्चिम में करीब 30 किलोमीटर दूर था और अगले कुछ घंटों में विशाखापट्टनम और गोपालपुर के बीच तट पार करने की संभावना थी।
ओडिशा में सबसे ज्यादा असर की आशंका
मौसम प्रणाली के प्रभाव से दक्षिण और तटीय ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति बनी। कई इलाकों में तेज हवाओं और जलभराव का खतरा भी बढ़ा। करीब 5 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया और राहत-बचाव व्यवस्था को सक्रिय किया गया।राज्य में कई जिलों में स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद किए गए हैं। सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द की गईं और प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया। 11 जिलों के कलेक्टरों को राहत एवं बचाव की तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए।
आंध्रप्रदेश में तेज बारिश और हवाओं का अलर्ट
डीप डिप्रेशन का केंद्र कलिंगपट्टनम और विशाखापट्टनम के आसपास रहने से उत्तर आंध्रप्रदेश के तटीय इलाकों में भी तेज हवाओं और भारी बारिश का असर देखा गया।
बंगाल में भी भारी बारिश, पहाड़ी जिलों में भूस्खलन का खतरा
पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। दार्जिलिंग और कलिम्पोंग में बारिश के कारण भूस्खलन की चेतावनी जारी की गई। मछुआरों को भी समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।