नई दिल्ली - बॉलीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन के लिए 22 सितंबर की शाम उनके करियर की यादगार शाम बन गई। गुजरात के एकता नगर में आयोजित 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स समारोह में कार्तिक को फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ में शानदार अभिनय के लिए बेस्ट एक्टर का सम्मान दिया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें मंच पर रजत कमल और प्रमाण पत्र प्रदान किया। इस बार नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स का आयोजन पहली बार दिल्ली से बाहर गुजरात में हुआ।
‘चंदू चैंपियन’ के लिए मिला सम्मान
कार्तिक आर्यन ने फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ में भारत के पैरालंपिक गोल्ड मेडलिस्ट मुरलीकांत पेटकर का किरदार निभाया था। इसी भूमिका के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला। इस कैटेगरी में मलयालम अभिनेता ममूटी को भी ‘ब्रह्मयुगम’ के लिए सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति से पुरस्कार हासिल करने के बाद कार्तिक का उत्साह और भावुकता साफ नजर आई। उनके लिए यह सम्मान इसलिए भी खास है क्योंकि यह उनके करियर का पहला नेशनल अवॉर्ड है।
‘ग्वालियर के उस लड़के’ को किया याद
अवॉर्ड मिलने के बाद कार्तिक ने इंस्टाग्राम पर समारोह का वीडियो शेयर करते हुए अपने सफर को याद किया। उन्होंने ग्वालियर के उस लड़के का जिक्र किया, जिसने ऐसे माहौल में अभिनेता बनने का सपना देखा था, जहां इस तरह के सपनों पर लोग हंसकर आगे बढ़ जाते थे। कार्तिक ने लिखा कि वह अब भी इस पल को महसूस कर रहे हैं और उत्साह के साथ-साथ नर्वसनेस भी है। उन्होंने इस उपलब्धि को छोटे शहर के एक लड़के का सपना पूरा होने जैसा बताया।
कबीर खान और साजिद नाडियाडवाला का जताया आभार
कार्तिक ने ‘चंदू चैंपियन’ के निर्देशक कबीर खान और निर्माता साजिद नाडियाडवाला का भी खास तौर पर धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि उन्हें मुरलीकांत पेटकर की भूमिका निभाने की जिम्मेदारी सौंपने के लिए वह दोनों के आभारी हैं। अभिनेता ने अपने पोस्ट में यह भी बताया कि इस किरदार तक का सफर आसान नहीं था। उन्होंने इसे कठिन लेकिन बेहद यादगार अनुभव बताया और कहा कि इस सफर का नतीजा उनके लिए बेहद खास है।
माता-पिता और दोस्तों को भी दिया श्रेय
कार्तिक ने अपनी सफलता का श्रेय सिर्फ खुद को नहीं दिया। उन्होंने अपने माता-पिता के आशीर्वाद, प्यार और लगातार मिले समर्थन के साथ दोस्तों और अपनी टीम का भी आभार जताया। इस खास मौके पर कार्तिक के माता-पिता भी गुजरात में उनके साथ मौजूद थे। नेशनल अवॉर्ड मिलने की घोषणा के समय भी उनका परिवार उनके साथ जश्न मनाता नजर आया था।
‘चंदू नहीं, चैंपियन है मैं’
कार्तिक ने अपने पोस्ट में फिल्म के चर्चित डायलॉग ‘चंदू नहीं, चैंपियन है मैं’ का भी जिक्र किया। उन्होंने इस सम्मान को देश के पैरालंपियनों और उन सभी लोगों को समर्पित किया जो मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की कोशिश करते हैं। ग्वालियर से बॉलीवुड तक का कार्तिक का सफर और अब नेशनल अवॉर्ड तक पहुंचना उनके लिए एक बेहद भावुक पड़ाव है। खुद अभिनेता ने भी संकेत दिया कि वह इस उपलब्धि को मंजिल नहीं, बल्कि आगे आने वाली कई और उपलब्धियों की शुरुआत के तौर पर देख रहे हैं।