नई दिल्ली - भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और मुख्य कोच रवि शास्त्री ने अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को टेस्ट टीम में दोबारा मौका नहीं दिए जाने पर नाराजगी जाहिर की है। उनका मानना है कि शमी ने घरेलू क्रिकेट में बंगाल की ओर से लगातार खेलकर अपनी फिटनेस और गेंदबाजी क्षमता साबित की थी। इसके बावजूद उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में वापसी का अवसर नहीं मिला।
शास्त्री ने सवाल उठाया कि जब कोई गेंदबाज घरेलू मुकाबलों में लगातार 15 से 20 ओवर तक गेंदबाजी कर रहा है, तो उसकी फिटनेस पर संदेह करने का आधार क्या हो सकता है? उन्होंने यह भी कहा कि शमी में अभी कम से कम 30 से 40 टेस्ट विकेट और लेने की क्षमता थी।
शमी को मौका नहीं मिलने पर रवि शास्त्री ने जताई निराशा
रवि शास्त्री ने न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले से पहले सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर बातचीत के दौरान मोहम्मद शमी के टेस्ट करियर और उनकी फिटनेस को लेकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि शमी ने बंगाल के लिए घरेलू क्रिकेट में लगातार मेहनत की और अपनी गेंदबाजी से यह दिखाया कि वह प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलने के लिए तैयार हैं।
शास्त्री के मुताबिक, शमी जैसे अनुभवी गेंदबाज को दोबारा मौका मिलना चाहिए था। उन्होंने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी की मेहनत और मैच के दौरान उसकी शारीरिक क्षमता को भी महत्व दिया जाना चाहिए।
जिम की फिटनेस से ज्यादा जरूरी मैदान पर प्रदर्शन
पूर्व भारतीय कोच ने फिटनेस को लेकर एक अहम बात कही। उनका मानना है कि किसी खिलाड़ी की वास्तविक फिटनेस का पता जिम में किए गए अभ्यास से ज्यादा मैदान पर उसके प्रदर्शन से चलता है। शास्त्री ने कहा कि अगर कोई गेंदबाज मैच में 10 से 12 ओवर तक गेंदबाजी करने में सक्षम नहीं है, तो केवल जिम में फिट रहने का क्या फायदा है? उन्होंने शमी का उदाहरण देते हुए कहा कि टीम के लिए लगातार गेंदबाजी करने वाला खिलाड़ी अपनी मेहनत और क्षमता का प्रमाण मैदान पर दे रहा था। उनके अनुसार, शमी ने घरेलू क्रिकेट में जिस तरह गेंदबाजी की, उसे देखते हुए उन्हें एक बार फिर भारतीय टेस्ट टीम में शामिल करने पर विचार किया जाना चाहिए था।
बंगाल के लिए 15 से 20 ओवर गेंदबाजी करने का दिया उदाहरण
रवि शास्त्री ने शमी की फिटनेस पर उठने वाले सवालों का जवाब देते हुए उनके घरेलू क्रिकेट के प्रदर्शन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने भी शमी की फिटनेस को लेकर मीडिया में कई तरह की खबरें पढ़ी थीं, लेकिन दूसरी तरफ गेंदबाज बंगाल के लिए लगातार मैच खेल रहा था।
शास्त्री ने कहा कि शमी एक मुकाबले में 15 से 20 ओवर तक गेंदबाजी कर रहे थे। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि किसी खिलाड़ी को अपनी फिटनेस साबित करने के लिए इससे ज्यादा और क्या करना चाहिए? उन्होंने शमी को मेहनती खिलाड़ी बताते हुए कहा कि घरेलू क्रिकेट में उनका कार्यभार इस बात का प्रमाण था कि वह क्रिकेट के कठिन मुकाबलों की शारीरिक जरूरतों को पूरा करने में सक्षम थे।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अनुभवी तेज गेंदबाज की अहमियत
शास्त्री ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के व्यस्त कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि लंबे सीजन के दौरान टीमों को अक्सर खिलाड़ियों की चोटों से जूझना पड़ता है। ऐसी परिस्थितियों में अनुभवी तेज गेंदबाज की मौजूदगी काफी महत्वपूर्ण हो जाती है। उनका मानना है कि शमी जैसे गेंदबाज के पास अनुभव के साथ-साथ बड़े मुकाबलों में दबाव संभालने की क्षमता भी है। इसलिए टीम प्रबंधन को उनकी सेवाओं का बेहतर इस्तेमाल करना चाहिए था।
शमी में अभी 30-40 विकेट लेने की थी क्षमता
रवि शास्त्री ने शमी के टेस्ट करियर को लेकर भी अपनी निराशा जाहिर की। उन्होंने कहा कि शमी ने भारतीय क्रिकेट के लिए लंबे समय तक शानदार प्रदर्शन किया है और उनमें अभी भी काफी क्रिकेट बाकी था। शास्त्री को उम्मीद थी कि शमी पिछले 12 महीनों के दौरान भारतीय टीम के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलते और अपने खाते में 30 से 40 विकेट और जोड़ते। उन्होंने कहा कि शमी को टेस्ट टीम में एक अनुभवी गेंदबाज के रूप में जगह मिलनी चाहिए थी।
टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद फिर चर्चा में शमी
गौरतलब है कि मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। उन्होंने अपने टेस्ट करियर में भारत के लिए 64 मुकाबले खेले और 229 विकेट हासिल किए। जून 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल उनका आखिरी टेस्ट मैच रहा था।
शमी के संन्यास के बाद अब रवि शास्त्री की यह प्रतिक्रिया एक नई बहस को जन्म दे रही है। उनके बयान से साफ है कि भारतीय क्रिकेट के इस अनुभवी गेंदबाज को टेस्ट टीम में दोबारा मौका नहीं मिलने से वह संतुष्ट नहीं थे। शास्त्री की नजर में शमी के घरेलू प्रदर्शन को उनकी फिटनेस और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की क्षमता का मजबूत प्रमाण माना जाना चाहिए था।