नई दिल्ली - भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। 6 नवंबर 2026 को उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए अपने टेस्ट करियर को विराम देने की जानकारी दी। शमी के इस फैसले के साथ भारतीय क्रिकेट के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत हो गया है।
सफेद जर्सी में अपनी तेज रफ्तार गेंदबाजी, स्विंग और शानदार रिवर्स स्विंग के लिए पहचान बनाने वाले शमी ने करीब 13 साल तक भारतीय टेस्ट टीम का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने अपने विदाई संदेश में कहा कि वह सफेद जर्सी से विदा ले रहे हैं, लेकिन उससे जुड़ी यादें हमेशा उनके साथ रहेंगी।
सोशल मीडिया पर भावुक संदेश के साथ किया संन्यास का ऐलान
मोहम्मद शमी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में टेस्ट क्रिकेट के प्रति अपने लगाव और इस सफर में मिले अनुभवों को याद किया। उन्होंने लिखा कि जब पहली बार भारतीय टेस्ट जर्सी पहनी थी, तब उनका सपना देश के लिए कुछ खास करने का था। इसके बाद करियर में मिले हर विकेट, संघर्ष, चोट और वापसी ने उन्हें कुछ न कुछ सिखाया।
शमी ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट उनके लिए केवल एक खेल का प्रारूप नहीं रहा, बल्कि उनकी जिंदगी का बेहद खास हिस्सा रहा है। उन्होंने भारी मन और अनगिनत खूबसूरत यादों के साथ इस प्रारूप से संन्यास लेने का फैसला किया है। उन्होंने यह भी कहा कि मैदान पर भले ही उनकी आखिरी टेस्ट गेंद फेंकी जा चुकी हो, लेकिन भारत के लिए खेलने का गौरव हमेशा उनके दिल में रहेगा।
64 टेस्ट मैचों में हासिल किए 229 विकेट
मोहम्मद शमी का टेस्ट करियर आंकड़ों के लिहाज से भी काफी प्रभावशाली रहा। उन्होंने भारत के लिए कुल 64 टेस्ट मुकाबले खेले और 229 विकेट अपने नाम किए। इस दौरान उनका गेंदबाजी औसत 27.71 रहा। उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में छह बार पांच विकेट लेने का कारनामा भी दर्ज है।
शमी ने 6 नवंबर 2013 को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था। खास बात यह है कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत और संन्यास का ऐलान, दोनों 6 नवंबर को ही किए। उनके डेब्यू मैच में उन्होंने कुल नौ विकेट हासिल किए थे। लगभग 13 साल के इस सफर में उन्होंने भारत के लिए कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में अपनी गेंदबाजी से योगदान दिया।
चोटों से जूझकर कई बार की शानदार वापसी
शमी का क्रिकेट सफर हमेशा आसान नहीं रहा। उन्हें अपने करियर के दौरान कई बार चोटों का सामना करना पड़ा। टखने की सर्जरी और घुटने से जुड़ी परेशानियों के कारण भी उन्हें लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहना पड़ा। हालांकि, हर बार उन्होंने मेहनत और मजबूत इच्छाशक्ति के दम पर वापसी की।
विदेशी परिस्थितियों में उनकी गेंदबाजी भारतीय टीम के लिए काफी उपयोगी साबित हुई। दक्षिण अफ्रीका में जोहान्सबर्ग टेस्ट के दौरान 5 विकेट लेकर उन्होंने अपनी क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया था। नई गेंद के साथ-साथ पुरानी गेंद से रिवर्स स्विंग हासिल करने की उनकी कला उन्हें दूसरे गेंदबाजों से अलग पहचान दिलाती रही।
BCCI, बंगाल क्रिकेट संघ और प्रशंसकों का जताया आभार
अपने विदाई संदेश में शमी ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI), क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB), साथी खिलाड़ियों, कोच और परिवार के सदस्यों को धन्यवाद दिया। उन्होंने उन करोड़ों भारतीय प्रशंसकों का भी आभार जताया, जिन्होंने अच्छे और मुश्किल दोनों समय में उन पर भरोसा बनाए रखा।
क्या अब क्रिकेट के सभी प्रारूपों से लेंगे संन्यास?
शमी के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का मतलब यह नहीं है कि उन्होंने क्रिकेट को पूरी तरह अलविदा कह दिया है। वह वनडे और टी-20 जैसे सीमित ओवरों के प्रारूपों में खेलना जारी रख सकते हैं। ऐसे में उनके प्रशंसकों को उम्मीद रहेगी कि सफेद जर्सी में भले ही शमी नजर नहीं आएंगे, लेकिन सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनकी गेंदबाजी का रोमांच देखने को मिलता रहेगा।
मोहम्मद शमी का टेस्ट सफर भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन 64 मैचों में 229 विकेट और मुश्किल परिस्थितियों में टीम के लिए किए गए उनके प्रदर्शन को भारतीय क्रिकेट इतिहास में लंबे समय तक याद किया जाएगा।