नई दिल्ली - धनतेरस के मौके पर देशभर के सर्राफा बाजारों में जबरदस्त रौनक देखने को मिली। सोने और चांदी की ऊंची कीमतों के बावजूद लोगों ने जमकर खरीदारी की। इस साल धनतेरस पर सोने की बिक्री का आंकड़ा करीब 60,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। पिछले साल की तुलना में इसमें 15 से 20 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं चांदी की खरीदारी में भी लोगों ने खास दिलचस्पी दिखाई। त्योहारी माहौल और निवेश की बढ़ती चाहत ने बाजार में कारोबार को नई गति दी।
सोने की खरीदारी में 15 से 20 फीसदी की बढ़ोतरी
धनतेरस को सोना खरीदने के लिए शुभ अवसर माना जाता है। इसी परंपरा के चलते हर साल बड़ी संख्या में लोग इस दिन आभूषण, सिक्के और अन्य कीमती वस्तुएं खरीदते हैं। इस बार भी महंगी कीमतों के बावजूद ग्राहकों के उत्साह में कमी नहीं आई।
आंकड़ों के मुताबिक, धनतेरस पर सोने की बिक्री करीब 60 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गई। पिछले वर्ष के मुकाबले यह कारोबार 15 से 20 फीसदी अधिक रहा। इससे पता चलता है कि कीमतों में तेजी के बावजूद सोने के प्रति लोगों का आकर्षण बरकरार है।
चांदी की खरीदारी में भी दिखा जोरदार उत्साह
सोने के साथ चांदी के बाजार में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। इस बार चांदी की बिक्री के कुल मूल्य में करीब 30 फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि मात्रा के लिहाज से खरीदारी में 10 फीसदी का इजाफा दर्ज किया गया। चांदी के सिक्कों, बर्तनों और सजावटी वस्तुओं की मांग बनी रही। कई ग्राहकों ने सोने की ऊंची कीमतों को देखते हुए चांदी को खरीदारी और निवेश के विकल्प के तौर पर प्राथमिकता दी।
महंगे सोने ने बदला खरीदारी का तरीका
सोने और चांदी की कीमतें ऊंचे स्तर पर होने के कारण इस बार ग्राहकों की पसंद में भी बदलाव देखने को मिला। पहले जहां भारी और अधिक वजन वाले आभूषणों की मांग रहती थी, वहीं इस बार हल्के गहनों की ओर लोगों का रुझान बढ़ा।
ग्राहकों ने खासतौर पर 14 से 18 कैरेट के हल्के आभूषणों को पसंद किया। इसके अलावा छोटे वजन वाले सोने के सिक्कों की खरीदारी भी बढ़ी। इससे लोगों ने अपने बजट के अनुसार त्योहार की परंपरा निभाने के साथ कीमती धातुओं में निवेश का विकल्प भी चुना।
डिजिटल गोल्ड की ओर भी बढ़ा लोगों का रुझान
इस धनतेरस पर केवल पारंपरिक बाजार ही नहीं, बल्कि डिजिटल माध्यमों से होने वाली खरीदारी में भी तेजी देखने को मिली। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स (EGR) की बिक्री 2.27 लाख यूनिट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। यह आंकड़ा दिखाता है कि अब ग्राहक सोने की खरीदारी के पारंपरिक तरीकों के साथ डिजिटल विकल्पों में भी दिलचस्पी ले रहे हैं। डिजिटल माध्यमों से सोने में निवेश करने का चलन धीरे-धीरे बढ़ रहा है।
नवरात्रि के बाद से त्योहारी कारोबार में 20 फीसदी की तेजी
त्योहारी सीजन का असर बाजार के दूसरे क्षेत्रों में भी दिखाई दिया है। नवरात्रि के बाद से खुदरा बाजार में बिक्री के कुल मूल्य में करीब 20 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। धनतेरस की खरीदारी ने इस तेजी को और गति दी।
कुल मिलाकर, इस साल धनतेरस पर सोने-चांदी के बाजार ने महंगाई और ऊंची कीमतों के बावजूद शानदार कारोबार किया। ग्राहकों ने अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से खरीदारी का तरीका बदला, लेकिन त्योहार पर कीमती धातुएं खरीदने की परंपरा का उत्साह बरकरार रहा।