नई दिल्ली | दिवाली के त्योहारी सीजन में देशभर के बाजारों में रौनक बढ़ने के साथ कारोबार में भी बड़ी तेजी आने की उम्मीद है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के मुताबिक, इस साल दिवाली के दौरान देशभर में करीब 5 लाख करोड़ रुपये का कारोबार हो सकता है। वहीं, अकेले दिल्ली में लगभग 80,000 करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान है। CTI के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने कहा कि स्वदेशी उत्पादों की बढ़ती मांग से व्यापारियों को त्योहारी सीजन में अच्छे कारोबार की उम्मीद है।
दिल्ली के व्यापारियों को नुकसान की भरपाई की उम्मीद
बृजेश गोयल के अनुसार, पिछले महीने रैलियों और विरोध प्रदर्शनों के कारण दिल्ली के व्यापारियों को कारोबार में बाधाओं का सामना करना पड़ा था। 1 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच हुई गतिविधियों के चलते व्यापारियों को करीब 14,000 करोड़ रुपये के संभावित कारोबार का नुकसान हुआ। अब दिवाली की खरीदारी बढ़ने से बाजारों में फिर रौनक लौट रही है और व्यापारी इस नुकसान की भरपाई की उम्मीद कर रहे हैं। CTI ने बताया कि 5 लाख करोड़ रुपये के अनुमान में दिवाली की खरीदारी के साथ इससे जुड़ी विभिन्न सेवाओं का कारोबार भी शामिल है। संगठन ने होटल, बैंक्वेट, रेस्तरां, मॉल, सिनेमा, ऑटोमोबाइल, शॉपिंग सेंटर, सैलून, टूर एंड ट्रैवल और विभिन्न बाजार संगठनों के प्रतिनिधियों से बातचीत के बाद यह अनुमान तैयार किया है।
ऑटोमोबाइल बिक्री में भी जोरदार उछाल
गोयल ने ऑटोमोबाइल उद्योग की संस्था की हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि देशभर में खुदरा ऑटोमोबाइल बिक्री में 55 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। विभिन्न श्रेणियों में बिक्री का आंकड़ा इस प्रकार रहा:
- दोपहिया वाहनों की बिक्री में 52 प्रतिशत वृद्धि
- तिपहिया वाहनों की बिक्री में 110 प्रतिशत वृद्धि
- वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में 48 प्रतिशत वृद्धि
- यात्री वाहनों की बिक्री में 70 प्रतिशत वृद्धि
- ट्रैक्टरों की बिक्री में 58 प्रतिशत वृद्धि
उनके मुताबिक, ये आंकड़े बाजार में मजबूत उपभोक्ता मांग और त्योहारी सीजन के सकारात्मक कारोबारी माहौल को दर्शाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दिवाली के दौरान किफायती सामान से लेकर प्रीमियम उत्पादों तक करीब पांच करोड़ उपहारों का आदान-प्रदान हुआ।
स्वदेशी उत्पादों और पारंपरिक सामान की बढ़ी मांग
CTI के अनुसार, इस साल दिवाली पर भारतीय निर्मित और स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी पर विशेष जोर है। जीएसटी सुधारों के बाद स्थानीय स्तर पर बने उत्पादों को भी अधिक पहचान मिली है और उनकी मांग बढ़ी है। घर की सजावट के सामान, मिट्टी के दीये, पूजा सामग्री, देवी-देवताओं की मूर्तियां, हस्तशिल्प, दीवार पर सजाने वाली वस्तुएं और शुभ-लाभ व ओम जैसे पारंपरिक प्रतीकों की अच्छी मांग देखी जा रही है। स्थानीय कारीगरों और शिल्पकारों द्वारा तैयार सजावटी उत्पाद भी बाजार में आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल फोन, कपड़े, फैशन परिधान, जूते, फर्नीचर, खिलौने, रसोई के बर्तन, मिठाई, स्नैक्स, सौंदर्य उत्पाद और घरेलू सजावट के सामान की बिक्री बढ़ने की उम्मीद है। बर्तन, निर्माण सामग्री, पेंट, लकड़ी, डेयरी उत्पाद, किराना, खाद्य तेल, दालें, साड़ियां और पोशाक सामग्री जैसे क्षेत्रों को भी त्योहारी मांग से फायदा मिलने की संभावना है।
दिल्ली के बाजारों में उमड़ रही खरीदारों की भीड़
बृजेश गोयल ने बताया कि दिल्ली के कई प्रमुख बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ी है। चांदनी चौक, दरीबा कलां, सदर बाजार, कमला नगर, मॉडल टाउन, शालीमार बाग, पीतमपुरा, राजौरी गार्डन, साउथ एक्सटेंशन, ग्रेटर कैलाश, ग्रीन पार्क, लाजपत नगर, प्रीत विहार, शाहदरा और लक्ष्मी नगर सहित कई बाजारों में खरीदारी का माहौल बना हुआ है। ऑटोमोबाइल शोरूम में भी त्योहारी बिक्री अच्छी रहने की बात कही गई है। ग्राहक मोबाइल फोन, उपहार, सजावटी सामान, सूखे मेवे, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू उपयोग की वस्तुओं की खरीदारी कर रहे हैं। CTI का मानना है कि बढ़ती खरीदारी से दिल्ली के कारोबार को गति मिलेगी और व्यापारियों को राहत मिलेगी।