भोपाल: मध्यप्रदेश में दिवाली के बाद ठंड का असर धीरे-धीरे बढ़ने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले चार दिनों में प्रदेश के न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है। इससे कई शहरों में रात का तापमान 10 से 11 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है। शनिवार को इंदौर प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, अगले चार दिनों तक प्रदेश में कहीं भी आंधी-बारिश का अलर्ट नहीं है। ऐसे में दिवाली और त्योहार के दौरान मौसम साफ रहने की संभावना है।
इंदौर प्रदेश में सबसे ठंडा, पारा 12 डिग्री पहुंचा
प्रदेश में रात के तापमान में गिरावट का दौर जारी है। बीती रात इंदौर में न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।इसके अलावा कई शहरों में भी रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
शहडोल के कल्याणपुर और दमोह में 12.2 डिग्री सेल्सियस।
शाजापुर के गिरवर में 12.6 डिग्री सेल्सियस।
उमरिया में 12.7 डिग्री सेल्सियस।
भोपाल और पचमढ़ी में 12.8 डिग्री सेल्सियस।
मौसम में बदलाव के चलते सुबह और रात के समय ठंड का अहसास बढ़ने लगा है।
अगले 4 दिन नहीं होगी आंधी-बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को मध्यप्रदेश के किसी भी जिले में आंधी या बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। दिवाली यानी 8 नवंबर को भी प्रदेश में बारिश की संभावना नहीं है।मौसम साफ रहने और बारिश की गतिविधियां नहीं होने से दीपावली के त्योहार पर मौसम का असर पड़ने की संभावना कम है। हालांकि, रात के समय तापमान में गिरावट के चलते ठंड बढ़ सकती है।
अगले 4 दिन में 1 से 2 डिग्री गिरेगा तापमान
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, आने वाले चार दिनों में प्रदेश के न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है।इसका सबसे ज्यादा असर रात के तापमान पर दिखाई देगा। कई शहरों में न्यूनतम तापमान 10 से 11 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। सुबह और देर रात ठंड का असर ज्यादा महसूस होगा।
छिंदवाड़ा में सबसे ज्यादा तापमान, कई शहरों में पारा 30 डिग्री से नीचे
जहां प्रदेश के कुछ शहरों में रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है, वहीं दिन के समय कई इलाकों में गर्मी का असर बना हुआ है।अधिकतम तापमान की बात करें तो छिंदवाड़ा में पारा सबसे ज्यादा 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।दूसरी ओर अमरकंटक, पचमढ़ी, मलाजखंड, बैतूल, शिवपुरी और करौंदी में अधिकतम तापमान 30 डिग्री या इससे कम रिकॉर्ड हुआ।
15 नवंबर के बाद बढ़ेगी ठंड
पिछले 10 साल के मौसम ट्रेंड पर नजर डालें तो नवंबर के दूसरे पखवाड़े से प्रदेश में ठंड का असर तेजी से बढ़ने लगता है। इस बार भी मौसम का मिजाज कुछ ऐसा ही रहने की संभावना है।15 नवंबर के बाद रात के तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है। खासकर सुबह और रात के समय ठंड ज्यादा महसूस होगी।
ग्वालियर-चंबल में उत्तरी हवाओं से गिरेगा पारा
नवंबर के दूसरे सप्ताह से प्रदेश के ग्वालियर-चंबल संभाग में ठंड का असर ज्यादा बढ़ सकता है। इन इलाकों में उत्तर भारत की ओर से आने वाली ठंडी हवाओं का सीधा असर पड़ता है, जिससे न्यूनतम तापमान में गिरावट होती है।ग्वालियर में 57 साल पहले नवंबर महीने में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। वहीं उज्जैन में 53 साल पहले नवंबर में रात का पारा 2.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था।
नवंबर के तीसरे और चौथे सप्ताह में बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, इंदौर और जबलपुर में नवंबर महीने के दौरान बारिश होने का ट्रेंड रहा है। इस बार भी नवंबर की शुरुआत में बारिश का अलर्ट जारी किया गया था।महीने के तीसरे और चौथे सप्ताह में मौसम प्रणाली सक्रिय होने पर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। हालांकि, फिलहाल अगले चार दिनों तक बारिश की संभावना नहीं जताई गई है।कुल मिलाकर मध्यप्रदेश में दिवाली के बाद ठंड का असर बढ़ने के आसार हैं। रात के तापमान में गिरावट के साथ नवंबर के दूसरे पखवाड़े में सर्दी और तेज हो सकती है।