अयोध्या | अयोध्या में दीपोत्सव 2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार मुख्य दीपोत्सव 7 नवंबर को मनाया जाएगा और आयोजन में 28 लाख दीये जलाकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है। हालांकि, इस भव्य आयोजन के लिए दीये तैयार करने वाले स्थानीय कुम्हार परिवार अभी ऑर्डर का इंतजार कर रहे हैं।
40 कुम्हार परिवारों को बड़े ऑर्डर की उम्मीद
अयोध्या धाम के आसपास करीब 40 कुम्हार परिवार दीपोत्सव के लिए बड़े पैमाने पर दीये बनाने का काम करते हैं। हर साल दीपोत्सव से पहले इन परिवारों को बड़ी संख्या में दीये तैयार करने के ऑर्डर मिलते हैं। इस बार भी कुम्हारों को उम्मीद है कि जल्द ही उन्हें लाखों दीये बनाने का ऑर्डर मिलेगा। हालांकि, ऑर्डर नहीं मिलने के कारण उन्होंने बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू नहीं किया है।
पिछले साल के नुकसान से सतर्क कुम्हार
कुम्हारों की चिंता की सबसे बड़ी वजह पिछले साल का अनुभव है। उनके मुताबिक, पिछले वर्ष ऑर्डर मिलने के बाद उन्होंने बड़ी संख्या में दीये तैयार किए थे, लेकिन बाद में काफी संख्या में दीयों का उठान नहीं हो पाया। इससे तैयार माल के साथ उनकी पूंजी भी फंस गई और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। यही वजह है कि इस बार कुम्हार बिना पक्के ऑर्डर के बड़ी संख्या में दीये बनाने से बच रहे हैं।
ऑर्डर नहीं मिला तो फिर फंस सकती है पूंजी
कुम्हारों को आशंका है कि यदि उन्होंने पहले की तरह लाखों दीये तैयार कर लिए और समय पर उनका उठान नहीं हुआ, तो उन्हें दोबारा नुकसान उठाना पड़ सकता है। ऐसे में वे पहले ऑर्डर और उठान की स्पष्ट व्यवस्था चाहते हैं, ताकि उत्पादन के बाद तैयार दीयों को बेचने की चिंता न रहे।
28 लाख दीयों से रिकॉर्ड बनाने की तैयारी
इस बार अयोध्या दीपोत्सव में 28 लाख दीये जलाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे आयोजन को भव्य बनाने के साथ नया विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है। एक तरफ प्रशासन दीपोत्सव को यादगार बनाने की तैयारियों में जुटा है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय कुम्हारों की नजर ऑर्डर पर टिकी है। दीपोत्सव की सफलता में इन कुम्हार परिवारों की भूमिका अहम है, क्योंकि इन्हीं के चाक पर मिट्टी के लाखों दीये आकार लेते हैं।