भोपाल: मध्यप्रदेश में आज व्यापारी संगठनों की ओर से ‘नो-UPI डे’ मनाया जा रहा है। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल मध्यप्रदेश के आह्वान पर भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में व्यापारी ₹2,000 से अधिक का UPI भुगतान नहीं लेने का विरोध दर्ज करा रहे हैं।
भोपाल में स्कैनर ढंककर जताएंगे विरोध
भोपाल में व्यापारी UPI स्कैनर को काले कपड़े से ढंककर सांकेतिक विरोध दर्ज कराएंगे। व्यापार मंडल का कहना है कि नए MDR शुल्क से बड़े डिजिटल लेन-देन करने वाले कारोबारियों पर अतिरिक्त लागत बढ़ सकती है।
व्यापारियों ने आर्थिक बोझ बढ़ने की जताई चिंता
व्यापार मंडल के प्रदेश महासचिव के मुताबिक, नए शुल्क से व्यापारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। उन्होंने बताया कि अधिकतम शुल्क ₹300 तक हो सकता है।व्यापारियों का कहना है कि थोक किराना समेत कई थोक कारोबारों में ₹2,000 से अधिक के डिजिटल लेन-देन बड़ी संख्या में होते हैं।
15 अक्टूबर से लागू होगा नया MDR नियम
नए नियम के तहत 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा Person-to-Merchant (P2M) UPI लेन-देन पर 0.4% MDR लागू होगा। ₹75,000 या उससे अधिक के लेन-देन पर MDR की अधिकतम सीमा ₹300 प्रति ट्रांजेक्शन रखी गई है।यह शुल्क व्यापारी से लिया जाएगा, ग्राहक से नहीं। वहीं छोटे कारोबारियों के लिए कुछ छूट का प्रावधान भी है।
MP के पेट्रोल पंपों पर भी 16 अक्टूबर से फैसला
मध्यप्रदेश पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन ने भी 16 अक्टूबर से ₹2,000 से अधिक के बिल पर UPI भुगतान नहीं लेने का फैसला किया है। पेट्रोल पंप डीलर भी व्यापारियों के आज होने वाले सांकेतिक विरोध में शामिल होंगे।इस तरह UPI पर प्रस्तावित MDR को लेकर मध्य प्रदेश में व्यापारिक संगठनों का विरोध अब खुलकर सामने आ गया है।