रायपुर: छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान खरीदी की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित के प्राधिकृत अधिकारी की अध्यक्षता में जिला विपणन अधिकारियों की समीक्षा बैठक हुई। इसमें नए धान उपार्जन केंद्रों की व्यवस्थाओं और पिछले खरीदी सत्र से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई।अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी जरूरी तैयारियां निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी कर ली जाएं, ताकि किसानों को धान बेचने के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
पिछले साल की धान खरीदी व्यवस्था की समीक्षा
बैठक में पिछले वर्षों की धान खरीदी, धान के निराकरण, चावल जमा करने और सूखत समेत कई विषयों की जिलेवार समीक्षा की गई।खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में खरीदे गए धान के निपटारे और FCI तथा नान में चावल जमा करने की स्थिति की भी जानकारी ली गई। अधिकारियों से लंबित मामलों की स्थिति की जानकारी लेकर उन्हें समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया।
362 नए धान खरीदी केंद्रों पर फोकस
आगामी खरीफ विपणन सत्र में राज्य में 362 नए धान उपार्जन केंद्र शुरू किए जाने की तैयारी है। इन केंद्रों पर जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली गई।बैठक में संग्रहण केंद्रों की तैयारी, बारदानों की उपलब्धता, परिवहन व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि खरीदी शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह तैयार रहें।
किसानों की सुविधा को प्राथमिकता
धान खरीदी केंद्रों पर किसानों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है। शशिकांत द्विवेदी ने अधिकारियों से कहा कि खरीदी से जुड़ी सभी तैयारियां समय पर पूरी की जाएं।उन्होंने बारदाने, संग्रहण और अन्य व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की कमी नहीं रहने देने के निर्देश दिए, ताकि खरीदी के दौरान किसानों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
पारदर्शी और व्यवस्थित खरीदी की तैयारी
खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए वित्तीय और प्रशासनिक तैयारियां भी समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। नए धान खरीदी केंद्रों के जरिए खरीदी व्यवस्था को अधिक सुचारू और पारदर्शी बनाने पर फोकस किया जा रहा है।सरकार और प्रशासन का जोर खरीदी प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने के साथ किसानों को धान बेचने के दौरान बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर है।