रायपुर - क्या आपको पता है कि आपके नाम और पहचान दस्तावेजों पर कितने मोबाइल नंबर एक्टिव हैं? अगर नहीं, तो एक बार इसकी जांच जरूर कर लें। दूरसंचार विभाग (DoT) ने 21 सितंबर 2026 को मोबाइल यूजर्स को फर्जी सिम, टेलीकॉम आइडेंटिफायर के दुरुपयोग और IMEI से छेड़छाड़ को लेकर चेतावनी जारी की है। विभाग ने लोगों से अपने नाम पर जारी सभी मोबाइल कनेक्शन Sanchar Saathi पोर्टल या ऐप के जरिए चेक करने की अपील की है।
छत्तीसगढ़ में सामने आया फर्जी SIM का मामला
DoT के मुताबिक, हाल की साइबर अपराध जांच में छत्तीसगढ़ में एक Point of Sale (PoS) एजेंट द्वारा नागरिकों के पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल उनकी जानकारी या सहमति के बिना 25 मोबाइल कनेक्शन एक्टिवेट करने का मामला सामने आया। जांच के बाद संबंधित PoS को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। इन मोबाइल कनेक्शनों को DoT के Digital Intelligence Platform (DIP) पर जांचा गया और संदिग्ध नंबरों का दोबारा सत्यापन कराया गया। जिन कनेक्शनों ने री-वेरिफिकेशन पूरा नहीं किया, उन्हें डीएक्टिवेट कर दिया गया।
अपने नाम पर जारी SIM जरूर चेक करें
DoT ने लोगों को सलाह दी है कि वे समय-समय पर यह जांचते रहें कि उनकी पहचान पर कौन-कौन से मोबाइल नंबर जारी हैं। Sanchar Saathi पोर्टल पर यूजर्स अपने नाम से जुड़े मोबाइल कनेक्शन देख सकते हैं और किसी ऐसे नंबर की शिकायत या उसे ब्लॉक करने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं, जिसे उन्होंने जारी नहीं कराया है।
Sanchar Saathi पोर्टल
SIM किसी और को देना भी पड़ सकता है भारी
विभाग ने चेतावनी दी है कि अपने नाम पर जारी SIM को किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए देना जोखिम भरा हो सकता है। अगर उस नंबर का इस्तेमाल किसी गैरकानूनी गतिविधि में होता है, तो मूल ग्राहक भी कानूनी जांच के दायरे में आ सकता है। DoT ने फर्जी दस्तावेजों, धोखाधड़ी या किसी और की पहचान का इस्तेमाल करके SIM हासिल करने से भी बचने को कहा है।
3 साल तक की जेल और 50 लाख रुपये तक जुर्माना
Telecommunications Act, 2023 के तहत टेलीकॉम आइडेंटिफायर से जुड़े कुछ अपराधों पर कड़ी सजा का प्रावधान है। DoT के मुताबिक, फर्जी तरीके से SIM या टेलीकॉम आइडेंटिफायर हासिल करना और IMEI से छेड़छाड़ जैसे उल्लंघनों पर तीन साल तक की जेल, 50 लाख रुपये तक जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। इन अपराधों को कानून के तहत संज्ञेय और गैर-जमानती भी बताया गया है।
IMEI से छेड़छाड़ पर भी सख्ती
DoT ने मोबाइल फोन के IMEI नंबर में बदलाव करने या अनधिकृत/छेड़छाड़ किए गए टेलीकॉम आइडेंटिफायर वाले डिवाइस के इस्तेमाल को भी अपराध बताया है। विभाग ने ऐसे उपकरणों और SIM के दुरुपयोग से दूर रहने की सलाह दी है।
ऐसे करें अपने नाम के SIM की जांच
Sanchar Saathi पर जाकर मोबाइल यूजर्स अपने नाम से जारी कनेक्शनों की जानकारी देख सकते हैं। DoT के अनुसार, यह सुविधा नागरिकों को अनधिकृत या जरूरत नहीं होने वाले कनेक्शन की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू करने में मदद करती है। सरकार पहले भी इस प्लेटफॉर्म के जरिए फर्जी कनेक्शनों की पहचान और उन्हें डिस्कनेक्ट करने की जानकारी साझा कर चुकी है।
इसलिए अगर आपके नाम पर कोई ऐसा नंबर दिखाई देता है जिसे आपने कभी जारी नहीं कराया, तो उसे नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत Sanchar Saathi के जरिए रिपोर्ट करना बेहतर है।