भोपाल, मध्य प्रदेश | भोपाल में मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के बीच स्वाइन फ्लू, वायरल संक्रमण और डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, बीते सप्ताह एक मरीज की निजी अस्पताल में मौत हुई। वहीं सर्दी, खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी शिकायतों वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। सितंबर की शुरुआत से स्वाइन फ्लू के मामलों में तेजी देखी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार तापमान और नमी में उतार-चढ़ाव के कारण वायरल श्वसन संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है। दूसरी ओर, भोपाल में डेंगू संक्रमित मरीजों की संख्या 81 तक पहुंच गई है।
सितंबर से स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी
क्षेत्रीय श्वसन रोग संस्थान के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पराग शर्मा के अनुसार मौसम में बदलाव, नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव के दौरान वायरल श्वसन संक्रमण का प्रसार बढ़ सकता है। इसी अवधि में इंफ्लूएंजा और H1N1 के मामलों में भी वृद्धि देखी जाती है। अस्पतालों और निजी क्लीनिकों में वायरल संक्रमण से जुड़े मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण स्वास्थ्य विभाग की निगरानी भी बढ़ी है।
वायरल निमोनिया के मरीज करीब दोगुने
मौसम बदलने के साथ भोपाल में सर्दी, खांसी, बुखार और सांस संबंधी शिकायतों वाले मरीज लगातार अस्पताल पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक वायरल निमोनिया के मरीजों की संख्या करीब दोगुनी हुई है। जेपी अस्पताल की ओपीडी में भी मौसमी बीमारियों से जुड़े मरीजों की संख्या करीब 30 प्रतिशत तक बढ़ी है। ऐसे में स्वाइन फ्लू के नए मामले स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।
तेज बुखार और सांस की तकलीफ को न करें नजरअंदाज
गांधी मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. अनिल शेजवार के अनुसार स्वाइन फ्लू में तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मरीजों में सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है। अगर बुखार या सांस से जुड़े लक्षण लगातार बने रहें या तेजी से बढ़ें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
बुजुर्गों और बच्चों में ज्यादा सावधानी जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार बुजुर्गों, छोटे बच्चों और पहले से हृदय, फेफड़े या मधुमेह जैसी बीमारियों से जूझ रहे लोगों में स्वाइन फ्लू के लक्षण गंभीर हो सकते हैं। सांस लेने में ज्यादा परेशानी, अत्यधिक कमजोरी या ऑक्सीजन का स्तर कम होने जैसे संकेत दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेने की सलाह दी गई है। समय पर जांच और उपचार से गंभीर स्थिति से बचने में मदद मिल सकती है।
भोपाल में डेंगू के 81 मरीज
स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार भोपाल में डेंगू संक्रमित मरीजों की संख्या 81 हो गई है। जिला मलेरिया कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2026 में अब तक 4,877 लोगों की जांच की गई, जिनमें 78 मरीज पॉजिटिव मिले। वहीं सितंबर के शुरुआती 11 दिनों में 220 लोगों की जांच में 7 मरीजों में डेंगू संक्रमण की पुष्टि हुई। इस तरह बदलते मौसम के बीच भोपाल में स्वाइन फ्लू, डेंगू और अन्य मौसमी बीमारियों की चुनौती बनी हुई है।
स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति को बताया नियंत्रण में
भोपाल सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि स्वाइन फ्लू के मरीज सामने आ रहे हैं, लेकिन अधिकतर मरीजों की स्थिति सामान्य है। फिलहाल पांच मरीज अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी स्थिति भी सामान्य बताई गई है। उन्होंने डेंगू की स्थिति को भी नियंत्रण में बताया है।