लखनऊ - उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए इस मामले में सामने आई नई जानकारी का हवाला दिया।
70 से बढ़कर 105 हुई घटनाओं की संख्या
अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में लिखा कि अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की शुरुआती जांच में यह आंकड़ा 70 से बढ़कर 105 हो गया है। उन्होंने इसे सरकारी देखरेख में ‘धर्म धन की चोरी’ बताते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। ये आरोप अखिलेश यादव की राजनीतिक प्रतिक्रिया हैं और जांच के अंतिम निष्कर्ष के तौर पर नहीं प्रस्तुत किए जा सकते।
दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट को बताया गया है कि मंदिर परिसर में लगे CCTV कैमरों में चढ़ावे की चोरी से जुड़ी 105 संदिग्ध घटनाएं रिकॉर्ड हुई हैं। इससे पहले SIT की जांच के दौरान 42 दिनों में 70 घटनाओं से जुड़े सबूत मिलने की जानकारी सामने आई थी।
SIT कर रही मामले की जांच
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित गबन की जांच विशेष जांच टीम यानी SIT कर रही है। सुप्रीम कोर्ट को बताया गया है कि SIT ने जांच के दौरान डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य जुटाए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, SIT को 25 सितंबर तक या उससे पहले चार्जशीट दाखिल करनी है। इसका मतलब है कि 105 घटनाओं का आंकड़ा जांच में सामने आए CCTV रिकॉर्ड से जुड़ा है। इन घटनाओं में किसकी भूमिका थी और क्या-क्या अपराध साबित होते हैं, यह जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया में स्पष्ट होगा।
अखिलेश यादव ने लगाए गंभीर आरोप
अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में आरोप लगाया कि सरकारी निगरानी में धार्मिक चढ़ावे के धन की चोरी हुई और इस मामले में भाजपा से जुड़े लोगों की कथित संलिप्तता की चर्चा है। उन्होंने इस मुद्दे को आगामी चुनाव से भी जोड़ते हुए भाजपा के खिलाफ राजनीतिक हमला बोला। हालांकि, इन राजनीतिक आरोपों को अभी जांच या अदालत द्वारा किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के खिलाफ अंतिम रूप से स्थापित निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।
चुनाव से पहले फिर बढ़ी सियासी हलचल
राम मंदिर से जुड़ा यह मामला उत्तर प्रदेश की राजनीति में संवेदनशील मुद्दा बन गया है। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सपा और भाजपा के बीच कई मुद्दों पर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। ऐसे में चढ़ावे से जुड़े मामले में जांच की नई जानकारी सामने आने के बाद अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया ने इसे फिर राजनीतिक चर्चा में ला दिया है।
अब सभी की नजर SIT की प्रस्तावित चार्जशीट और उसके बाद होने वाली न्यायिक प्रक्रिया पर रहेगी। इन्हीं के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि CCTV में दर्ज 105 घटनाओं में वास्तविक रूप से क्या हुआ और किन लोगों की भूमिका जांच में सामने आती है।