कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सितंबर के आखिरी दौर में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से दक्षिण बंगाल में बारिश और गरज-चमक का दौर बढ़ने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, यह सिस्टम 48 घंटे के भीतर डिप्रेशन और उसके बाद डीप डिप्रेशन में बदल सकता है। IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, गांगेय पश्चिम बंगाल में 22 सितंबर को गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। वहीं 23 से 25 सितंबर के दौरान भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
दक्षिण बंगाल में बारिश बढ़ने के आसार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, दक्षिण बंगाल के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने और बारिश होने की संभावना है। तटीय इलाकों में मौसम का असर अपेक्षाकृत ज्यादा रहने की आशंका है। 21 सितंबर को जारी IMD के अपडेट में बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में मौजूद निम्न दबाव के मजबूत होने की संभावना जताई गई थी। सिस्टम के आगे बढ़ने के साथ पश्चिम बंगाल में नमी और बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। गांगेय पश्चिम बंगाल के लिए 23, 24 और 25 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट दर्ज किया गया है।
कोलकाता में बादल, बौछार और 30-40 किमी प्रति घंटे की हवा
राजधानी कोलकाता में 22 सितंबर को सामान्यतः बादल छाए रहने और एक-दो दौर की बारिश या गरज के साथ बौछारों का अनुमान है। IMD ने गरज-चमक के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। यही स्थिति 23 से 25 सितंबर के दौरान भी बनी रह सकती है। अलीपुर के लिए 22 सितंबर को न्यूनतम तापमान करीब 26°C और अधिकतम 31°C रहने का अनुमान है। 23 सितंबर को तापमान करीब 25-30°C और 24-25 सितंबर को 25-29°C के आसपास रहने का पूर्वानुमान है। दमदम में 22 सितंबर के लिए न्यूनतम 26°C और अधिकतम 33°C के आसपास तापमान रहने का अनुमान है, जबकि वहां भी गरज-चमक और 30-40 किमी प्रति घंटे की हवाओं की चेतावनी है।
उमस के बीच बारिश से राहत, लेकिन जलभराव का खतरा
बारिश के बावजूद कोलकाता में उमस पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। 21 सितंबर को अलीपुर में न्यूनतम तापमान 26.4°C और अधिकतम 33.3°C दर्ज किया गया, जबकि सुबह के समय सापेक्ष आर्द्रता 85 प्रतिशत थी। तेज बारिश के दौरान शहर के निचले इलाकों में अस्थायी जलभराव की स्थिति बन सकती है। खासकर कम समय में होने वाली तेज बारिश का असर सड़कों और ट्रैफिक पर पड़ सकता है। हालांकि, बेहाला, कसबा, उल्टाडांगा अंडरपास और सेंट्रल एवेन्यू में जलभराव होगा ही, ऐसा IMD के पूर्वानुमान से सीधे नहीं कहा जा सकता। यह स्थानीय बारिश की तीव्रता और ड्रेनेज व्यवस्था पर निर्भर करेगा।
तटीय इलाकों में सतर्कता जरूरी
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण समुद्री इलाकों में भी सतर्कता जरूरी है। सिस्टम के मजबूत होने की संभावना को देखते हुए तटीय क्षेत्रों में समुद्र की स्थिति प्रभावित हो सकती है। ऐसे मौसम में मछुआरों और नाविकों को मौसम विभाग तथा स्थानीय प्रशासन की समुद्री चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी जाती है। पर्यटकों को भी समुद्र में उतरने से पहले स्थानीय प्रशासन के निर्देशों पर ध्यान देना चाहिए।
उत्तर बंगाल में भी बारिश का दौर
उत्तर बंगाल में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। IMD के मुताबिक, Sub-Himalayan West Bengal & Sikkim में 23 से 26 सितंबर तक भारी बारिश के साथ गरज-चमक की चेतावनी है। 22 सितंबर को भी आंधी-गरज और बिजली गिरने की स्थिति को लेकर चेतावनी जारी है। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के दौरान सड़क पर फिसलन और स्थानीय भूस्खलन जैसी स्थिति बन सकती है। इसलिए दार्जिलिंग और कलिम्पोंग जाने वाले यात्रियों को स्थानीय मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी जाती है।
26 सितंबर के बाद कमजोर पड़ सकता है मौसम
IMD के कोलकाता पूर्वानुमान में 26 सितंबर को गरज के साथ बारिश और 27 सितंबर को हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि, 26 सितंबर से गरज-चमक संबंधी कोई विशेष चेतावनी दर्ज नहीं है। यानी अगले तीन-चार दिन दक्षिण बंगाल के लिए मौसम की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। फिलहाल चक्रवात की पुष्टि नहीं हुई है; IMD की मौजूदा जानकारी इस सिस्टम को निम्न दबाव से डिप्रेशन/डीप डिप्रेशन की दिशा में मजबूत होने वाला सिस्टम बताती है।