पटना - बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ कथित छेड़खानी और अभद्रता का वीडियो सामने आने के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है। घटना 19 सितंबर की बताई जा रही है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि करीब सात लोगों की पहचान किए जाने की बात सामने आई है। मामले की जांच के लिए महिला अधिकारी के नेतृत्व में SIT भी गठित की गई है।
इसी घटना को लेकर जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने अपने बयान में ‘जंगलराज’ के पुराने राजनीतिक नैरेटिव का जिक्र करते हुए मौजूदा शासन व्यवस्था पर सवाल उठाया और पूछा कि अगर पहले का दौर ‘जंगलराज’ था, तो अब यह कौन-सा ‘मंगलराज’ है।
‘जंगलराज’ का डर दिखाकर 20 साल तक शासन किया
प्रशांत किशोर ने कहा कि लंबे समय तक बिहार की राजनीति में ‘जंगलराज’ का मुद्दा उठाकर शासन करने वालों से अब सवाल पूछा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता को यह पूछने का अधिकार है कि मौजूदा व्यवस्था को किस नाम से परिभाषित किया जाए, जब बच्चियों के साथ सरेआम छेड़खानी और बदसलूकी जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। उनका यह बयान सीधे तौर पर बिहार की मौजूदा कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर राजनीतिक सवाल खड़े करता है।
‘ये कौन सा मंगलराज है?’
प्रशांत किशोर ने जमुई घटना का जिक्र करते हुए कहा कि यदि पहले के शासन को ‘जंगलराज’ कहा जाता था, तो अब ऐसी घटनाओं के बीच यह कौन-सा ‘मंगलराज’ है। उन्होंने बच्चियों के साथ छेड़खानी, बदतमीजी और हत्याओं का जिक्र करते हुए सरकार से जवाब मांगने की बात कही। यह बयान प्रशांत किशोर का राजनीतिक आरोप और टिप्पणी है। इसे बिहार में महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर चल रही मौजूदा राजनीतिक बहस के संदर्भ में देखा जा रहा है।
जमुई मामले में पुलिस की कार्रवाई
जमुई में सामने आए वायरल वीडियो के बाद पुलिस ने स्वत: संज्ञान लेकर जांच शुरू की। पुलिस के मुताबिक घटना 19 सितंबर की शाम की है। पीड़ित छात्र-छात्रा कोचिंग से लौटने के बाद एक जगह गए थे, जहां कथित तौर पर कुछ युवकों ने उन्हें रोककर अभद्र व्यवहार किया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान शुरू की।
पुलिस ने सात संदिग्ध आरोपियों की पहचान की है और अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले में POCSO एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है। वायरल वीडियो को हटाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
घटना पर सियासत तेज
जमुई मामले के बाद विपक्षी दलों ने बिहार सरकार पर महिला सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं। वहीं, सत्तापक्ष की ओर से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का हवाला दिया जा रहा है। जमुई की मंत्री श्रेयसी सिंह ने भी कहा है कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता अभी बनी हुई है और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की जरूरत है।
इस घटना ने बिहार में महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज कर दी है। प्रशांत किशोर का ‘जंगलराज’ और ‘मंगलराज’ वाला बयान इसी बहस के बीच सामने आया है।