मुंबई - बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री मौसमी चटर्जी ने बेहद कम उम्र में फिल्मों में कदम रखा और देखते ही देखते अपनी अलग पहचान बना ली। उन्होंने 1967 में आई बंगाली फिल्म ‘बालिका बधू’ से अभिनय की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने बंगाली और हिंदी सिनेमा में लंबा और सफल करियर बनाया। मौसमी की निजी जिंदगी भी कम उम्र में ही बड़े बदलावों से गुजरी। उन्होंने करीब 15 साल की उम्र में प्रसिद्ध गायक-संगीतकार हेमंत कुमार के बेटे जयंत मुखर्जी से शादी कर ली थी।
अब अपनी जिंदगी के अनुभवों से सीख लेते हुए मौसमी अपनी बेटी मेघा मुखर्जी को शादी को लेकर जल्दबाजी नहीं करने की सलाह देती हैं। जागरण फिल्म फेस्टिवल 2026 में नयनदीप रक्षित के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने रिश्तों और आज की महिलाओं की जिंदगी को लेकर खुलकर अपनी राय रखी।
‘बॉयफ्रेंड हो सकता है, लेकिन शादी जरूरी नहीं’
मौसमी चटर्जी ने बताया कि वह अपनी बेटी से कहती हैं कि अगर उसका कोई बॉयफ्रेंड है तो इसका मतलब यह नहीं कि उसे उसी व्यक्ति से शादी भी करनी होगी। अभिनेत्री के मुताबिक, रिश्ते और शादी जिंदगी के ऐसे फैसले हैं जिन्हें अपनी समझ और पसंद के आधार पर लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के दौर में लड़कियों को खुद के बारे में सोचने और अपने फैसले लेने में सतर्क रहना चाहिए। उनका मानना है कि बदलते समय के साथ महिलाओं की प्राथमिकताएं और जीवन जीने के तरीके भी बदले हैं।
‘थोड़ा सेल्फिश और सेल्फ-सेंटर्ड बनो’
मौसमी ने आज की युवा महिलाओं को खुद को प्राथमिकता देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि लड़कियों को थोड़ा ‘सेल्फिश’ और ‘सेल्फ-सेंटर्ड’ होना चाहिए, क्योंकि समय बदल चुका है। अभिनेत्री ने इस सोच को सिर्फ स्वार्थ से जोड़ने के बजाय आत्मनिर्भरता और अपनी जरूरतों को समझने से जोड़ा। उनका कहना है कि महिलाओं को हर फैसला सिर्फ इस आधार पर नहीं लेना चाहिए कि दूसरे लोग उनके बारे में क्या सोचेंगे।
‘परिवर्तन संसार का नियम है’
अपनी बात रखते हुए मौसमी ने भगवद्गीता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘परिवर्तन संसार का नियम है।’ उनका इशारा बदलते सामाजिक माहौल और रिश्तों को लेकर नई पीढ़ी की सोच की ओर था। उन्होंने यह भी कहा कि आज की पीढ़ी पहले के मुकाबले कई मायनों में आगे बढ़ी है। उनके मुताबिक, पहले बेटियों को ससुराल संभालने की जिम्मेदारी के लिए तैयार किया जाता था, लेकिन बेटों को घर के कामों की वैसी ही जिम्मेदारी लेने की सीख अक्सर नहीं दी जाती थी।
खुद कम उम्र में की थी शादी
मौसमी चटर्जी की यह सलाह इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि उनकी अपनी शादी बेहद कम उम्र में हुई थी। उन्होंने 10वीं कक्षा में पढ़ते हुए करीब 15 साल की उम्र में जयंत मुखर्जी से शादी की थी। जयंत प्रसिद्ध संगीतकार और गायक हेमंत कुमार के बेटे हैं। मौसमी ने बाद में कम उम्र में शादी और मातृत्व के अपने अनुभवों के बारे में भी बात की है। उनकी पहली बेटी पायल का जन्म तब हुआ था जब अभिनेत्री करीब 17 साल की थीं। उनकी दूसरी बेटी मेघा मुखर्जी का जन्म 1991 में हुआ।
‘लोग क्या कहेंगे’ की चिंता न करें
जागरण फिल्म फेस्टिवल में मौसमी ने युवाओं को यह भी सलाह दी कि उन्हें दूसरों को कुछ साबित करने के लिए अपनी जिंदगी के फैसले नहीं लेने चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर व्यक्ति हर कदम पर यह सोचता रहे कि लोग क्या कहेंगे, तो वह अपनी जिंदगी का आनंद नहीं ले पाएगा।
मौसमी की बातों में उनकी निजी जिंदगी के अनुभव और बदलते समय के प्रति उनकी सोच दोनों नजर आए। कम उम्र में शादी करने वाली अभिनेत्री का अपनी बेटी को रिश्तों में जल्दबाजी न करने और अपनी शर्तों पर जिंदगी जीने का संदेश अब चर्चा में है।