नई दिल्ली | देश में चीनी उत्पादन का नया सीजन सकारात्मक शुरुआत के साथ आगे बढ़ रहा है। अब तक देशभर की 184 चीनी मिलों में गन्ने की पेराई शुरू हो चुकी है। शुरुआती स्टॉक की अच्छी उपलब्धता और नए सीजन में उत्पादन बढ़ने से त्योहारी सीजन के दौरान घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त आपूर्ति रहने की उम्मीद है।
चीनी उत्पादन में करीब चार गुना बढ़ोतरी
इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) के आंकड़ों के मुताबिक, 5 नवंबर 2026 तक देश में कुल 12.85 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका है। पिछले साल इसी अवधि में 154 मिलों में पेराई चल रही थी और कुल उत्पादन 3.20 लाख टन दर्ज किया गया था। इस तरह शुरुआती चरण में ही उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
महाराष्ट्र चीनी उत्पादन में सबसे आगे
शुरुआती उत्पादन में महाराष्ट्र की सबसे बड़ी हिस्सेदारी है। राज्य की 136 चीनी मिलों में पेराई शुरू हो चुकी है और 5 नवंबर तक 10.78 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है। पिछले साल इसी अवधि में महाराष्ट्र की 101 मिलों ने 1.23 लाख टन चीनी का उत्पादन किया था।
उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु का योगदान
उत्तर प्रदेश में पश्चिमी और मध्य क्षेत्रों की 19 मिलों ने पेराई शुरू कर दी है। इनसे अब तक 0.20 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है। वहीं, कर्नाटक में विशेष सीजन के तहत चल रही सात मिलों से 0.90 लाख टन और तमिलनाडु की सात मिलों से 0.64 लाख टन चीनी का उत्पादन दर्ज किया गया है। गुजरात में 12 और तेलंगाना में तीन मिलें भी चालू हो चुकी हैं। अन्य राज्यों से कुल 0.33 लाख टन का शुद्ध उत्पादन हुआ है।
घरेलू जरूरतों के लिए पर्याप्त चीनी उपलब्ध: ISMA
ISMA के महानिदेशक दीपक बल्लानी ने कहा कि चीनी का मौजूदा सीजन सकारात्मक तरीके से शुरू हुआ है। 184 मिलों में पेराई शुरू हो चुकी है और उत्पादन 12.85 लाख टन तक पहुंच गया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 3.20 लाख टन था।
उन्होंने बताया कि पिछले सीजन से करीब 36 लाख टन चीनी का स्टॉक बचा हुआ है। इसके साथ ही नए सीजन का उत्पादन भी तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में देश घरेलू जरूरतों को पूरा करने की अच्छी स्थिति में है। बल्लानी के मुताबिक, पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ज्यादातर मिलें अगले कुछ दिनों में पेराई शुरू कर सकती हैं। दिवाली के बाद मध्य उत्तर प्रदेश में भी मिलों का संचालन शुरू होने की उम्मीद है। कर्नाटक में किसानों से जुड़े मुद्दों के समाधान के बाद मुख्य सीजन की पेराई में तेजी आने की संभावना है। ISMA को उम्मीद है कि आने वाले हफ्तों में चीनी उत्पादन और बढ़ेगा। संगठन ने कहा है कि घरेलू खपत की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त चीनी उपलब्ध है और उद्योग बाजार में उचित आपूर्ति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।