मुंबई | कमजोर वैश्विक संकेतों और अमेरिकी व एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली के बीच शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। मेटल और रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला, जबकि आईटी सेक्टर में तेजी दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 0.37 प्रतिशत यानी करीब 300 अंक गिरकर 79,016.05 पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 0.60 प्रतिशत यानी 148.55 अंक टूटकर 24,388.05 पर आ गया। इस दौरान निफ्टी ने इंट्राडे का निचला स्तर भी छुआ।
मेटल और रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली
सेक्टरवार कारोबार में निफ्टी मेटल इंडेक्स करीब 2 प्रतिशत गिरकर सबसे ज्यादा नुकसान में रहा। इसके बाद निफ्टी रियल्टी में 1.56 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी केमिकल्स, ऑयल एंड गैस, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, पीएसयू बैंक, एफएमसीजी और ऑटो इंडेक्स में भी 1.34 प्रतिशत तक की कमजोरी देखने को मिली। हालांकि, बाजार की गिरावट के बीच निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 2 प्रतिशत की तेजी के साथ कारोबार करता दिखा। मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम, प्राइवेट बैंक और मीडिया इंडेक्स भी हरे निशान में रहे।
पांच सत्रों में FII ने खरीदे 35,781 करोड़ रुपये के शेयर
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिकी बाजारों में भारी बिकवाली का असर वैश्विक बाजारों पर देखने को मिल रहा है। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय बाजार पर इसका प्रभाव तुलनात्मक रूप से कम रह सकता है। विशेषज्ञों ने नैस्डैक में 5.6 प्रतिशत की गिरावट के पीछे डेटा सेंटर पर खर्च में बड़ी मंदी की आशंका को प्रमुख वजह बताया। उनके अनुसार, टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली और एआई कारोबार की रफ्तार को लेकर चिंताओं का असर बाजारों पर पड़ रहा है।
इस बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने पिछले पांच कारोबारी सत्रों में 35,781 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। गुरुवार को FII ने लगातार पांचवें सत्र में 14,974 करोड़ रुपये की शुद्ध इक्विटी खरीदारी की। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 10,444 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की। विश्लेषकों के मुताबिक, उम्मीद से बेहतर कंपनियों के नतीजे और आकर्षक मूल्यांकन वाले लार्जकैप शेयरों में खरीदारी बाजार को बुनियादी सहारा दे रही है।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड करीब 2 प्रतिशत बढ़कर 100.31 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ 91.91 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक बाजारों की कमजोरी के बीच निवेशकों की नजर आगे घरेलू बाजार की चाल और विदेशी निवेशकों के रुख पर बनी हुई है।