भोपाल | मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में इस बार दिवाली के पटाखा बाजार में बदलाव देखने को मिल रहा है। बाजारों से लक्ष्मी बम और गणेश बम जैसे देवी-देवताओं के चित्र वाले पटाखे गायब हो गए हैं। दुकानदारों ने कंपनियों से ऐसे पटाखे नहीं मंगवाए हैं। धार्मिक आस्था और भावनाओं के सम्मान को ध्यान में रखते हुए कारोबारियों ने इनसे दूरी बनाई है।
देवी-देवताओं के चित्र वाले पटाखों की जगह सामान्य डिजाइन की मांग
भोपाल के पटाखा बाजार में इस बार देवी-देवताओं की तस्वीरों वाले पटाखों की जगह सामान्य नाम और डिजाइन वाले पटाखों की मांग है। दुकानदारों का कहना है कि धार्मिक भावनाओं का सम्मान जरूरी है। मुस्लिम दुकानदारों ने भी ऐसे पटाखों से दूरी बनाई है। व्यापारी शेख सलमान ने कहा कि किसी को भी धार्मिक भावनाएं आहत करने का अधिकार नहीं है। इसी सोच के साथ देवी-देवताओं के चित्र वाले पटाखे नहीं मंगवाए गए हैं।
आतिशबाजी करते समय सावधानी बरतने की अपील
दीपावली पर पटाखों से होने वाली दुर्घटनाओं और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग के अनुसार, पटाखे हमेशा खुले और सुरक्षित स्थानों पर ही जलाने चाहिए। इमारतों, वाहनों, सूखी वनस्पतियों और ज्वलनशील पदार्थों से पर्याप्त दूरी बनाए रखनी चाहिए।
बच्चों को अकेले पटाखे न जलाने दें
आतिशबाजी के दौरान सूती कपड़े पहनने और बंद जूते इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। बच्चों को बिना किसी वयस्क की निगरानी के पटाखे नहीं देने चाहिए। उन्हें पटाखे जेब में न रखने की समझाइश भी देनी चाहिए। पटाखे जलाते समय पास में पानी या रेत से भरी बाल्टी रखें। एक समय में केवल एक ही पटाखा जलाएं और सुरक्षा के नियमों का पालन करें।