मुंबई | गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स 1,609.54 अंक यानी 2.08% उछलकर 78,910.94 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 50 में 417.45 अंक यानी 1.74% की बढ़त दर्ज की गई और यह 24,378.05 पर पहुंच गया। बाजार में आई इस तेजी के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और विदेशी निवेशकों की खरीदारी को प्रमुख वजह माना जा रहा है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी बढ़त रही। इस बीच सोने और चांदी की कीमतों में भी तेजी दर्ज की गई।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से बाजार को राहत
बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट रही। ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आकर करीब 94 डॉलर पर कारोबार कर रहा था। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में तेल की कीमतों में गिरावट से आयात बिल और महंगाई के दबाव को कम करने की उम्मीद बढ़ती है। इससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ और बाजार को सहारा मिला।
विदेशी निवेशकों ने 3 दिन में लगाए ₹17,235 करोड़
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की खरीदारी ने भी बाजार की तेजी को मजबूती दी। नवंबर के शुरुआती तीन कारोबारी दिनों में FII ने भारतीय शेयरों में करीब 17,235 करोड़ रुपये का निवेश किया। एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर रिस्क सेंटिमेंट बेहतर हुआ है। कम तेल कीमतों और संस्थागत निवेशकों की नई खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया है। हालांकि, अब यह देखना होगा कि मौजूदा तेजी कितनी टिकाऊ साबित होती है।
मिडकैप-स्मॉलकैप में भी तेजी, प्राइवेट बैंक सबसे आगे
गुरुवार की तेजी केवल बड़ी कंपनियों के शेयरों तक सीमित नहीं रही। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली।
- निफ्टी मिडकैप 100 में 1.46% की बढ़त
- निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.49% की तेजी
निफ्टी 100 में 1.78% की बढ़त
सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी प्राइवेट बैंक 2.55% की तेजी के साथ सबसे आगे रहा। इसके अलावा रियल्टी में 1.92%, IT में 1.72%, ऑटो में 1.66%, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 1.52%, मीडिया में 1.36% और FMCG में 1.08% की बढ़त दर्ज की गई।
सोना 1.45 लाख और चांदी 1.90 लाख रुपये के पार
शेयर बाजार के साथ कीमती धातुओं में भी तेजी रही। 24 कैरेट सोना 1.48% बढ़कर 1,45,356 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं, चांदी की कीमत 1.34% चढ़कर 1,90,255 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। कोटक नियो के कमोडिटी और करेंसी रिसर्च प्रमुख अनिंद्य बनर्जी के अनुसार, दिवाली के बाद का सुधार पूरा हो चुका है और बुलियन में तेजी का नया दौर शुरू हो सकता है। हालांकि, इसके लिए कच्चे तेल की कीमतों का दोबारा तेजी से न बढ़ना अहम होगा।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार
गुरुवार को एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। हांगकांग का हैंग सेंग 3.36% की बढ़त के साथ 24,723 पर बंद हुआ। सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स 0.10% ऊपर रहा। वहीं, जापान का निक्केई 0.58%, ताइवान वेटेड इंडेक्स 1.67% और दक्षिण कोरिया का कोस्पी करीब 4% गिरकर बंद हुआ। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर कच्चे तेल की कीमतें स्थिर रहती हैं और विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है, तो भारतीय बाजार में सकारात्मक रुझान आगे भी बना रह सकता है।