कोलकाता: पश्चिम बंगाल में औद्योगिक निवेश को लेकर बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। देश के प्रमुख औद्योगिक समूहों में शामिल जेएसडब्ल्यू (JSW) ग्रुप राज्य में करीब 50,000 करोड़ रुपये के निवेश की योजना बना रहा है। इसी सिलसिले में समूह के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक सज्जन जिंदल ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात की। नवान्न में हुई इस बैठक में राज्य में औद्योगिक विकास, बिजली उत्पादन, बुनियादी ढांचे और रोजगार के अवसरों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। इस संभावित निवेश से बंगाल के औद्योगिक परिदृश्य में बड़े बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है।
नवान्न में हुई अहम बैठक, निवेश पर बनी रणनीति
सज्जन जिंदल और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के बीच हुई इस मुलाकात में पश्चिम बंगाल को निवेश के नए केंद्र के रूप में विकसित करने से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठे। बातचीत के दौरान बिजली, इस्पात, सीमेंट और बंदरगाह जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। बैठक का उद्देश्य राज्य में मौजूद औद्योगिक संभावनाओं को आगे बढ़ाना और नई परियोजनाओं के लिए रास्ता तैयार करना रहा।
₹40 हजार करोड़ बिजली क्षेत्र में लगाने की योजना
जेएसडब्ल्यू ग्रुप की प्रस्तावित 50,000 करोड़ रुपये की निवेश योजना में सबसे बड़ा हिस्सा बिजली क्षेत्र के लिए रखा गया है। उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, समूह लगभग 40,000 करोड़ रुपये बिजली क्षेत्र में और शेष 10,000 करोड़ रुपये अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश करने की योजना बना रहा है।
इस निवेश के जरिए राज्य में ऊर्जा उत्पादन और औद्योगिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में काम किया जा सकता है। हालांकि, सभी परियोजनाओं की अंतिम मंजूरी और निवेश की समयसीमा को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
शालबनी पावर प्लांट के दूसरे यूनिट पर नजर
पश्चिम मेदिनीपुर के शालबनी में जेएसडब्ल्यू एनर्जी की 1,600 मेगावाट क्षमता वाली ताप विद्युत परियोजना पहले से निर्माणाधीन है। इस परियोजना पर करीब 16,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के मुताबिक, सज्जन जिंदल ने जनवरी 2027 के पहले सप्ताह में परियोजना के दूसरे यूनिट के भूमि पूजन की योजना के बारे में जानकारी दी है। इसके लिए दिसंबर में जनसुनवाई की प्रक्रिया पूरी करने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री ने भी इस कार्यक्रम में शामिल होने की सहमति जताई है।
मिदनापुर मेडिकल कॉलेज के विकास में भी रुचि
बैठक में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ा प्रस्ताव भी सामने आया। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के अनुसार, सज्जन जिंदल ने मिदनापुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के विकास और संचालन में सहयोग करने की इच्छा जताई है। प्रस्ताव में बच्चों के इलाज से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने का विषय भी शामिल है।
इस संबंध में मुख्यमंत्री ने राज्य के स्वास्थ्य सचिव को प्रस्ताव की संभावनाओं और आवश्यक पहलुओं की जांच करने का निर्देश दिया है। इसके बाद ही आगे की प्रक्रिया पर निर्णय लिया जाएगा।
बंगाल के युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर जोर
औद्योगिक निवेश के साथ रोजगार का मुद्दा भी बैठक में महत्वपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री ने जेएसडब्ल्यू ग्रुप से राज्य के युवाओं के लिए कौशल विकास और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार करने की अपील की।
सरकार की कोशिश है कि उद्योगों में निवेश बढ़ने के साथ स्थानीय युवाओं को भी इसका लाभ मिले। उन्हें तकनीकी प्रशिक्षण देकर औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
प्राचीन मंदिरों के संरक्षण में भी सहयोग की पेशकश
सज्जन जिंदल ने पश्चिम बंगाल के प्राचीन मंदिरों के जीर्णोद्धार और संरक्षण में भी सहयोग की इच्छा जताई। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस दौरान केदारनाथ में किए गए संरक्षण कार्यों का उदाहरण भी दिया गया।
राज्य सरकार ऐसे मंदिरों की सूची तैयार कर रही है, जिन्हें मरम्मत और संरक्षण की जरूरत है। सूची तैयार होने के बाद इसे जेएसडब्ल्यू ग्रुप के साथ साझा किया जाएगा, ताकि इस दिशा में आगे की योजना बनाई जा सके।
निवेश के साथ रोजगार और विकास पर टिकी निगाहें
जेएसडब्ल्यू ग्रुप की प्रस्तावित निवेश योजना केवल औद्योगिक विस्तार तक सीमित नहीं है। बिजली उत्पादन, इस्पात, सीमेंट, बंदरगाह, स्वास्थ्य सुविधाओं और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में संभावित भागीदारी से राज्य के कई क्षेत्रों को लाभ मिल सकता है।
हालांकि, 50,000 करोड़ रुपये की निवेश योजना को जमीन पर उतारने के लिए परियोजनाओं की मंजूरी, निवेश की समयसीमा और क्रियान्वयन की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और सज्जन जिंदल के बीच हुई इस बैठक के बाद बंगाल में औद्योगिक निवेश को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।